लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत लिपिकों के वेतन ग्रेड को लेकर अहम कदम उठाया है। विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी पत्र में लिपिकों के ग्रेड वेतन ₹1900 से बढ़ाकर ₹2000 किए जाने के प्रस्ताव से जुड़े वित्तीय भार और कर्मचारियों की संख्या का अद्यतन विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, बेसिक शिक्षा अनुभाग–3 के अंतर्गत यह विषय लंबे समय से विचाराधीन है। शासन को पूर्व में इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक पूर्ण और अद्यतन सूचना प्राप्त नहीं हो सकी है। इसी कारण शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई लंबित है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ग्रेड वेतन ₹1900 के स्थान पर ₹2000 किए जाने से पड़ने वाले मासिक एवं वार्षिक वित्तीय भार का विस्तृत विवरण, साथ ही अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में वर्तमान में कार्यरत लिपिकों की कुल संख्या, तत्काल शासन को उपलब्ध कराई जाए।
शासन का कहना है कि आवश्यक सूचनाएं प्राप्त होते ही प्रकरण में अग्रेतर कार्यवाही को शीघ्रता से अंतिम रूप दिया जा सकेगा। इससे लिपिकों को लंबे समय से प्रतीक्षित वेतन सुधार का लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह आदेश 23 जनवरी 2026 को जारी किया गया है और इस पर विशेष सचिव द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही इसकी प्रतिलिपि संबंधित उच्च अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है।
लिपिक संगठनों और कर्मचारियों में इस पत्र के बाद उम्मीद जगी है कि शासन जल्द ही उनके वेतन ग्रेड में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम निर्णय ले सकता है।


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