भारत में वर्ष 2026–27 में होने वाली जनगणना अब तक की सबसे व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत कवायद होगी। यह जनगणना तीन चरणों में पूरी की जाएगी, जिसमें आवासीय सुविधाओं से लेकर सामाजिक-आर्थिक और व्यक्तिगत जानकारियाँ एकत्र की जाएंगी। इस महाअभियान में लाखों कर्मचारी और शिक्षक भाग लेंगे।
तीन चरणों में पूरी होगी जनगणना
पहला चरण (20 मई से 20 जून 2026)
इस चरण में मकान सूचीकरण किया जाएगा। इसमें प्रत्येक परिवार से बुनियादी सुविधाओं से जुड़े लगभग 32 सवाल पूछे जाएंगे। जैसे—
- बिजली, पानी, इंटरनेट की उपलब्धता
- वाहन (साइकिल, बाइक, कार)
- घर में उपयोग होने वाला मुख्य अनाज
- रसोई, शौचालय, ईंधन और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन
दूसरा चरण (फरवरी 2027)
इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत व सामाजिक जानकारी जुटाई जाएगी, जिसमें शामिल हैं—
- नाम, वैवाहिक स्थिति और बच्चों का विवरण
- जाति, धर्म, भाषा
- शैक्षणिक योग्यता
- रोजगार का प्रकार (सरकारी, निजी, स्व-रोजगार आदि)
तीसरा चरण (मार्च 2027)
इसे रिवीजन चरण कहा जाएगा। इसमें पहले से दर्ज आंकड़ों को अपडेट किया जाएगा और
- जन्म-मृत्यु जैसी घटनाओं को जोड़ा जाएगा।
जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले प्रमुख सवाल
जनगणना के दौरान परिवार और आवास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे, जैसे—
- घर में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या
- परिवार का मुखिया कौन है
- समुदाय/वर्ग की जानकारी
- घर में कितने कमरे हैं
- मकान की दीवार, फर्श और छत किस सामग्री की बनी है
- घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं
- रेडियो और टीवी की उपलब्धता
5 लाख से अधिक कर्मचारियों की तैनाती
इस विशाल कार्य को सफल बनाने के लिए प्रदेश में 5 लाख से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
- प्रगणक (Enumerators): लगभग 4.5 लाख, जिनमें अधिकांश शिक्षक होंगे। एक प्रगणक को 30 दिनों में करीब 150 घरों का डेटा एकत्र करना होगा।
- सुपरवाइजर: लगभग 75 हजार अधिकारी निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
प्रगणकों को मिलेगा मानदेय
जनगणना के दोनों मुख्य चरणों के लिए प्रगणकों को कुल 25,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
ऑफलाइन मोड में भी चलेगा मोबाइल एप
तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए HLO मोबाइल एप में ऑफलाइन मोड की सुविधा दी गई है। इंटरनेट न होने की स्थिति में भी डेटा फीड किया जा सकेगा, जो नेटवर्क मिलते ही स्वतः सर्वर पर अपलोड हो जाएगा।
फिलहाल मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग दिल्ली में चल रही है, जो आगे चलकर जिला स्तर पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे।
देश के विकास की नींव बनेगी जनगणना
जनगणना 2026–27 से प्राप्त आंकड़े आने वाले वर्षों की नीतियों, योजनाओं और संसाधन आवंटन का आधार बनेंगे। यही कारण है कि इसे देश की सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया माना जा रहा है।


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