मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण 2026: 2003 की सूची में नाम न होने वाले मतदाताओं को जारी हो रहे नोटिस, 27 फरवरी तक पूरी होगी प्रक्रिया
प्रयागराज। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्ष 2026 के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision – SIR 2026) के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। इस क्रम में उन मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची में मैपिंग नहीं हो पाई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, प्रयागराज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ऐसे सभी मतदाताओं की सुनवाई की प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 तक पूर्ण की जानी है। जिन मतदाताओं को सुनवाई हेतु नोटिस प्राप्त हो चुका है, उन्हें नोटिस में अंकित तिथि, समय और स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं या अपने माता-पिता/परिवार के किसी सदस्य के नाम के अभाव में मैप नहीं हो सका है, उन्हें दस्तावेज सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे मामलों में यदि संबंधित मतदाता वृद्ध, बीमार या अस्थायी रूप से घर से बाहर हैं, तो उनके परिवार के सदस्य सुनवाई के दिन आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित मतदाताओं को यह सुविधा भी दी है कि वे https://voters.eci.gov.in/ पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर या EPIC (वोटर आईडी) नंबर के माध्यम से यह जांच सकते हैं कि उन्हें नोटिस जारी हुआ है या नहीं। इसके लिए पोर्टल पर “Special Intensive Revision (SIR)-2026” विकल्प चुनकर “Submit Document against Notice issued” सेक्शन में आवश्यक विवरण भरना होगा। यदि नोटिस जारी नहीं हुआ है, तो स्क्रीन पर संदेश प्रदर्शित होगा—
“No Notice has been issued as on date. Please check after few days.”
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही, इस प्रेस विज्ञप्ति को व्यापक जनहित में दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण 2026: 2003 की सूची में नाम न होने वाले मतदाताओं को जारी हो रहे नोटिस, 27 फरवरी तक पूरी होगी प्रक्रिया
प्रयागराज। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्ष 2026 के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision – SIR 2026) के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। इस क्रम में उन मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनकी वर्ष 2003 की मतदाता सूची में मैपिंग नहीं हो पाई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, प्रयागराज द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ऐसे सभी मतदाताओं की सुनवाई की प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 तक पूर्ण की जानी है। जिन मतदाताओं को सुनवाई हेतु नोटिस प्राप्त हो चुका है, उन्हें नोटिस में अंकित तिथि, समय और स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं या अपने माता-पिता/परिवार के किसी सदस्य के नाम के अभाव में मैप नहीं हो सका है, उन्हें दस्तावेज सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। ऐसे मामलों में यदि संबंधित मतदाता वृद्ध, बीमार या अस्थायी रूप से घर से बाहर हैं, तो उनके परिवार के सदस्य सुनवाई के दिन आवश्यक प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके साथ ही निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित मतदाताओं को यह सुविधा भी दी है कि वे https://voters.eci.gov.in/ पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर या EPIC (वोटर आईडी) नंबर के माध्यम से यह जांच सकते हैं कि उन्हें नोटिस जारी हुआ है या नहीं। इसके लिए पोर्टल पर “Special Intensive Revision (SIR)-2026” विकल्प चुनकर “Submit Document against Notice issued” सेक्शन में आवश्यक विवरण भरना होगा। यदि नोटिस जारी नहीं हुआ है, तो स्क्रीन पर संदेश प्रदर्शित होगा—
“No Notice has been issued as on date. Please check after few days.”
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही, इस प्रेस विज्ञप्ति को व्यापक जनहित में दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया आगामी चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


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