लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय एवं मूत्रालय की उपलब्धता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत 7 दिवसीय विशेष अभियान चलाकर सभी परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत क्रियाशील बालिका शौचालय/मूत्रालय सुनिश्चित किए जाएं।
1209 विद्यालयों में अब भी नहीं दिख रही सुविधा
महानिदेशक द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि यू-डायस (UDISE) डेटा के अनुसार प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित 1209 परिषदीय विद्यालयों में अब भी बालिका शौचालय अथवा मूत्रालय की उपलब्धता प्रदर्शित नहीं हो रही है। इस कारण अब तक शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकी है।
केंद्र सरकार के निर्देशों के क्रम में कार्रवाई
यह निर्देश भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा 16 जनवरी 2026 को जारी पत्र के क्रम में दिए गए हैं, जिसमें समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों में पूरी तरह कार्यशील बालिका शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत होगा विशेष अभियान
महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि जनपद स्तर पर ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत उपलब्ध निधियों का उपयोग करते हुए विशेष अभियान चलाया जाए। जिन विद्यालयों में शौचालय अथवा मूत्रालय मौजूद तो हैं लेकिन वे क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए।
बालिकाओं की सुरक्षा और उपस्थिति बढ़ाने पर जोर
शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालयों में स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालयों की उपलब्धता से न केवल बालिकाओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति और शिक्षा में निरंतरता भी सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी
इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत क्रियाशील बालिका शौचालय/मूत्रालय का लक्ष्य हासिल किया जा सके।



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