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प्रदेश के 150 शिक्षक आईआईटी में सीखेंगे आधुनिक शिक्षण तकनीक, फरवरी में होगा एक्सपोजर विजिट

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने के लिए अगले माह एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत प्रदेशभर से चयनित 150 शिक्षक आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी मुंबई का भ्रमण करेंगे, जहां वे आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक तकनीकों और नवाचारों का प्रत्यक्ष अध्ययन करेंगे और उन्हें अपने-अपने विद्यालयों में लागू करेंगे।

प्रत्येक जिले से चुने जाएंगे दो उत्कृष्ट शिक्षक

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जिलों से दो-दो उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इस प्रकार कुल 150 शिक्षक फरवरी माह में आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एक्सपोजर विजिट पर जाएंगे। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

पीएमश्री विद्यालयों के 150 शिक्षक आईआईटी गांधीनगर और आईआईटी मुंबई में लेंगे प्रशिक्षण

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए निर्देश

स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बिन्दुवार दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे समयबद्ध तरीके से उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन कर सूची उपलब्ध कराएं।

केंद्र सरकार की सहायता से होगा पूरा खर्च

शिक्षकों के इस एक्सपोजर विजिट का पूरा खर्च केंद्रीय शिक्षा द्वारा प्रदत्त वित्तीय सहायता से वहन किया जाएगा। इसमें यात्रा व्यय, परिवहन, होटल में ठहराव, लंच-डिनर, जलपान एवं स्थानीय भ्रमण से संबंधित सभी खर्च शामिल होंगे।

एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य

इस शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से शिक्षकों को—

    • नई शिक्षण पद्धतियों एवं शैक्षिक तकनीकों का अध्ययन कर उन्हें विद्यालय में लागू करने का अवसर मिलेगा।
    • विभिन्न शैक्षिक नवाचारों का अवलोकन कर विद्यालय प्रशासन को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
    • शिक्षकों और विद्यालयों के बीच आपसी सहयोग, संवाद और नेटवर्किंग को बढ़ावा मिलेगा।

इन संस्थानों का करेंगे भ्रमण

शिक्षकों की चयनित टीम—

    • आईआईटी गांधीनगर और आईआईएम गांधीनगर
    • आईआईटी मुंबई
    • दोनों स्थानों के पीएमश्री विद्यालयों
    • इसके अतिरिक्त दोनों राज्यों के कुछ अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थानों का भी भ्रमण करेगी।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि होगी और इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा, जिससे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ होगी।