प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। हाल ही में जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी चुनौतियों, अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं तथा उपस्थिति प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन हेतु कई सुधारात्मक कदम अब लागू किए जाएँगे।
1. शिक्षकों के लिए एक घंटे का मार्जिन समय
विद्यालय प्रारम्भ होने से एक घंटे की अतिरिक्त अवधि प्रदान की जाएगी, जिसके भीतर अध्यापक अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। निर्धारित समय बीतने के बाद लास्ट कॉल माना जाएगा।
2. नेटवर्क न मिलने पर ऑफलाइन मोड में उपस्थिति
ऐसे विद्यालय जहाँ नेटवर्क की समस्या रहती है, वहाँ उपस्थिति ऑफलाइन मोड में दर्ज की जाएगी। नेटवर्क उपलब्ध होते ही यह उपस्थिति स्वतः ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सिंक हो जाएगी।
3. प्रधानाध्यापक होंगे उपस्थिति प्रणाली के मुख्य उत्तरदायी
उपस्थिति दर्ज करवाने की मुख्य जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर होगी। वे सुनिश्चित करेंगे कि निर्धारित समय सीमा के भीतर उपस्थिति पूर्णत: दर्ज हो।
4. प्रधानाध्यापक असमर्थ होने पर अध्यापक को जिम्मेदारी
यदि किसी कारणवश प्रधानाध्यापक उपस्थिति दर्ज कराने में असमर्थ हैं, तो संबंधित कक्षाध्यापक को यह दायित्व सौंपा जाएगा ताकि उपस्थिति प्रक्रिया प्रभावित न हो।
5. अनुपस्थिति पर बगैर कारण बताए कोई कार्यवाही नहीं
किसी भी अध्यापक के विरुद्ध अनुपस्थिति को लेकर बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की जाएगी। अध्यापक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
6. उच्चस्तरीय समिति का गठन
विद्यालयों में उपस्थिति से संबंधित डिजिटल प्रणाली लागू करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग, एस०बी०ओ० के अध्यक्ष तथा उच्चतर मंडलीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति माध्यमिक शिक्षा विभाग में उपयोग की जा रही ऑनलाइन प्रणाली को लागू करने हेतु आवश्यक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करेगी।
7. शासन को प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश
संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रस्ताव संख्या-5 में लिए गए निर्णयों के अनुसार तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा की गई प्रगति से शासन को अवगत कराएँ।
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