केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई चार नई श्रम संहिताएं देशभर के लाखों कर्मचारियों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आई हैं। इन नई व्यवस्थाओं का सीधा प्रभाव न केवल कर्मचारियों की वेतन संरचना पर पड़ेगा, बल्कि ग्रेच्युटी, छुट्टी नकदीकरण, मातृत्व लाभ, और भविष्य निधि (PF) जैसी सुविधाओं में भी सुधार होगा।
नई संहिताओं के लागू होने के साथ ही कर्मचारियों को कई नए अधिकार और सुरक्षा प्रावधान प्राप्त होंगे।
इनमें—
- न्यूनतम मजदूरी की गारंटी,
- सिर्फ एक वर्ष की नौकरी के बाद ग्रेच्युटी का अधिकार,
- लगभग 40 करोड़ श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज,
- महिला कर्मचारियों के लिए समान वेतन और सुरक्षित कार्यस्थल,
जैसे महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं।
नई श्रम संहिताओं से कर्मचारियों के छुट्टी की रकम (लीव कैशिंग) में भी लाभ होगा, क्योंकि वेतन संरचना में बेसिक सैलरी का अनुपात बढ़ने से नकदीकरण की राशि भी अधिक होगी।
कुल मिलाकर, ये चारों श्रम संहिताएं कर्मचारियों को मजबूत सुरक्षा प्रदान करने, कार्यस्थल पर समानता सुनिश्चित करने और रोजगार संबंधों को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं।


