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SIR प्रपत्र को लेकर संशय दूर: 2003 की मतदाता सूची आधारित विवरण अनिवार्य, शादीशुदा महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जनता के बीच फैले भ्रम को दूर करते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूजा मिश्रा ने संगम सभागार में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रपत्र भरते समय वर्ष 2003 की मतदाता सूची आधारित विवरण सबसे महत्वपूर्ण है।


SIR प्रपत्र को लेकर संशय दू

📌 शादीशुदा महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

अधिकारी ने बताया—

  • यदि किसी महिला की शादी 2003 के बाद हुई है और वह शादी के बाद मतदाता बनी है
  • तो उसे प्रपत्र में पति का नाम नहीं, बल्कि
    • माता-पिता,
    • दादा-दादी,
    • या नाना-नानी
      में से किसी एक का विवरण देना होगा
      जो वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज रहा हो।

बीएलओ और ईआरओ का दायित्व होगा कि वे इस जानकारी की जांच कर उचित मिलान सुनिश्चित करें।


📌 2003 की सूची में नाम न मिले तो क्या करें?

यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की सूची में नहीं मिलता है, तो—

  • उसे प्रपत्र में नीचे दाहिने कॉलम में
    माता-पिता या पूर्वजों का विवरण भरना होगा।
  • जिनके पास ऐसा कोई विवरण उपलब्ध नहीं है,
    उन्हें नोटिस जारी होने के बाद अपना एक दस्तावेज देना होगा।

सभी नाम ड्राफ्ट सूची में प्रकाशित किए जाएंगे।


📌 प्रयागराज जिले में मतदाताओं का आंकड़ा

जिले में कुल 46,92,860 मतदाता पंजीकृत हैं—

  • पुरुष: 25,42,506
  • महिला: 21,49,884
  • किन्नर: 470

4 नवंबर से शुरू इस प्रक्रिया में अब तक 98.06% प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।
बुधवार शाम तक 32,993 प्रपत्र ऑनलाइन जमा हो चुके थे।

अधिकारियों ने बीएलओ को प्रपत्र संग्रह तेजी से करने के आदेश दिए हैं।


📌 ऑनलाइन प्रपत्र जमा कैसे करें?

यदि किसी मतदाता को प्रपत्र नहीं मिला है, तो वह—

  • अपने क्षेत्र के ईआरओ/एआरओ से संपर्क करे
  • या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाए:
    https://voters.eci.gov.in

यहां से प्रपत्र डाउनलोड और ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
हालाँकि 2003 की SIR जानकारी खोजने में
मतदाताओं को कठिनाई हो सकती है,
क्योंकि मतदान केंद्र व सीरियल नंबर समय के साथ बदल चुके हैं।


📌 लापरवाही पर कार्रवाई

एसआईआर में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गई है—

  • दो अधिकारियों व चार सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस
  • सात बीएलओ का मानदेय रोका गया
  • एक बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है
    (निर्देश: एसीएम तृतीय हीरा लाल सैनी)

📌 राजनीतिक दलों में बीएलए की कमी

जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात करने की अपील की थी।
अब तक—

  • भाजपा, सपा, बसपा ने 12,755 बीएलए की सूची सौंपी है
  • कांग्रेस ने कोई सूची नहीं दी

बीएलए के सहयोग से बीएलओ फील्ड में मिलान कार्य कर रहे हैं।


📌 बीएलओ को अंतिम निर्देश: हर घर पहुंचे प्रपत्र

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा—


“अधिकांश वोटरों को प्रपत्र दिए जा चुके हैं।
जहां घरों में लोग नहीं मिले, वहां रिश्तेदारों को प्रपत्र दें
या आवश्यक होने पर घर पर चस्पा कराएं।
अब हमारा फोकस डिजिटलाइजेशन पर है।”


उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे जल्द से जल्द प्रपत्र जमा करें,
ताकि 4 दिसंबर तक आयोग की निर्धारित समयसारिणी पूरी हो सके।

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