प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के कार्यक्रम में बड़ा संशोधन किया है। अब हाईस्कूल हिंदी और इंटरमीडिएट सामान्य हिंदी की परीक्षाएं अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएंगी। यह बदलाव परीक्षार्थियों की अत्यधिक संख्या और परीक्षा केंद्रों पर संभावित अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
बोर्ड ने पहले 5 नवंबर को जारी समय सारिणी में 18 फरवरी 2026 को सुबह की पाली में दोनों परीक्षाएं एक साथ कराने का निर्णय लिया था। लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि इन अनिवार्य विषयों की परीक्षाओं में 43 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे, तो इससे परीक्षा आयोजन में भारी दिक्कतें आ सकती थीं।
मंगलवार देर रात यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया। संशोधन के अनुसार—
- हाईस्कूल हिंदी एवं प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा अब 18 फरवरी 2026 की प्रथम पाली (सुबह) में होगी।
- इंटरमीडिएट हिंदी एवं सामान्य हिंदी की परीक्षा 18 फरवरी की द्वितीय पाली (शाम) में आयोजित की जाएगी।
पहले दोनों की परीक्षा एक ही पाली में कराने का निर्णय लिया गया था, जबकि दूसरी पाली में हाईस्कूल प्रारंभिक हिंदी और इंटर हिंदी (साहित्यिक) रखी गई थी।
इसके अलावा बोर्ड ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है—
अब इंटरमीडिएट संस्कृत की परीक्षा 12 मार्च 2026 को द्वितीय पाली में होगी। पहले यह परीक्षा 20 फरवरी को सुबह की पाली में प्रस्तावित थी, जिससे संस्कृत और अंग्रेजी दोनों विषय लेने वाले छात्र असमंजस में थे।
बोर्ड के इस संशोधन से हाईस्कूल के 27,50,945 और इंटरमीडिएट के 24,79,352 छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली है। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे परीक्षा आयोजन की जटिलताएं काफी कम हो जाएंगी।
मुख्य बिंदु:
- हाईस्कूल हिंदी और इंटर सामान्य हिंदी की परीक्षा अब अलग-अलग पालियों में।
- संस्कृत परीक्षा की नई तिथि 12 मार्च 2026 निर्धारित।
- संशोधन से 52 लाख से अधिक परीक्षार्थियों को राहत।


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