प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकल पीठ ने राज्य शासन को इस संबंध में छह माह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
मामला एक याचिका से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ता ने बताया कि वह वर्ष 2013 से वात्सल्य मिशन योजना के अंतर्गत महिला कल्याण विभाग में संविदा आधार पर कार्यरत हैं। योजना के प्रावधानों के अनुसार, यदि कार्यभार अधिक हो तो संविदा कर्मियों के पदों को नियमित किया जा सकता है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि इस संबंध में विभागीय निदेशक को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई और सरकार को मामले में जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने कहा कि शासन छह माह के भीतर संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर स्पष्ट नीति बनाकर निर्णय ले। हाईकोर्ट का यह आदेश राज्यभर के उन हजारों संविदा कर्मियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है, जो वर्षों से नियमितीकरण की प्रतीक्षा में हैं।

