नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से जुड़ना अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नए नियम लागू करते हुए एनपीएस खाता खोलने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज कर दिया है। अब कोई भी व्यक्ति सिर्फ सीकेवाईसी नंबर या अपना बचत बैंक खाता नंबर उपयोग करके कुछ ही मिनटों में बिना अतिरिक्त दस्तावेज़ों के एनपीएस खाता खोल सकता है।

✅ पहले होती थीं ये दिक्कतें
- पहले एनपीएस में शामिल होने के लिए आधार, पैन, पते का प्रमाण जैसे कई दस्तावेज़ भौतिक रूप से जमा करने पड़ते थे।
- ग्राहक को बैंक या डाकघर जैसे प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) पर जाकर फॉर्म भरना होता था और केवाईसी प्रक्रिया में घंटों लग जाते थे।
- खाता सक्रिय होने में दो से तीन दिन का समय लगता था।
- इस कठिन प्रक्रिया के कारण कई लोग, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र और कम शिक्षित वर्ग, एनपीएस से जुड़ने में हिचकिचाते थे।
⚡ नई डिजिटल प्रक्रिया — अब एनपीएस खाता मिनटों में
1. एनपीएस की आधिकारिक वेबसाइट (www.npscra.nsdl.co.in) या अधिकृत ऐप पर जाएं।
2. “नया खाता खोलें” या Quick Digital Onboarding विकल्प चुनें।
3. ईमेल और सीकेवाईसी नंबर या बैंक खाता नंबर दर्ज करें।
4. सिस्टम नाम, पता, जन्मतिथि जैसे विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड से स्वतः प्राप्त कर लेगा।
5. केवाईसी सत्यापन पूरा करें, नॉमिनी जोड़ें और पहली राशि जमा करें।
जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, तुरंत स्थायी पेंशन खाता संख्या (PRAN) जारी कर दी जाएगी।
🔍 अब किनकी जरूरत होगी?
- खाता खोलने के लिए अब केवल इनमें से एक की आवश्यकता होगी:
- CKYC नंबर (14 अंकों का यूनिक नंबर)
- बचत बैंक खाता नंबर, जिसकी केवाईसी पहले से पूरी हो
🆕 नया पंजीकरण फॉर्म भी जारी
- PFRDA ने एनपीएस में शामिल होने वाले नए सदस्यों के लिए सरल रजिस्ट्रेशन फॉर्म जारी किया है।
- फॉर्म में पहले की तुलना में बहुत कम जानकारी भरनी होगी।
- इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भरा जा सकता है।
📍 खाता खोलने के दोनों विकल्प
1. ऑनलाइन प्रक्रिया
एनपीएस वेबसाइट या ऐप से सीधे खाता खुल जाएगा
आधार या बैंक खाते से केवाईसी सत्यापन संभव
किसी केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं
2. ऑफलाइन प्रक्रिया
अधिकृत बैंक या डाकघर (POP) शाखा में जाकर फॉर्म भरना होगा
अधिकारी दस्तावेज़ देखकर केवाईसी पूरी करेंगे
🧾 फेस-टू-फेस पहचान सत्यापन के विकल्प
- दस्तावेज़ आधारित सत्यापन
- वीडियो कॉल पर पहचान पुष्टि
- आधार बायोमेट्रिक केवाईसी
- आधार ओटीपी
- डिजिलॉकर/CKYC आधारित ऑटो-डेटा फेच
- वीडियो केवाईसी (रिकॉर्डिंग के साथ)
PFRDA का यह कदम पेंशन योजना को ज्यादा सुलभ, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे अधिक लोग खासकर युवा और नौकरीपेशा वर्ग जल्दी से एनपीएस से जुड़ सकेंगे।

