प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने के लिए बनाई गई समिति की सिफारिशों पर शीघ्र और ठोस निर्णय करे। कोर्ट ने यह टिप्पणी वाराणसी के एक शिक्षामित्र द्वारा दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान दी।
सरकार को पहले ही समिति गठित करने और शिक्षामित्रों का सम्मानजनक मानदेय तय करने का आदेश मिल चुका था। समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी, लेकिन अब तक उस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। कोर्ट ने अपने पिछले आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अब सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सके।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने भी हलफनामा दाखिल कर बताया कि मामले की समीक्षा की गई है और अब यह मामला कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। अदालत ने अवमानना याचिका खारिज करते हुए राज्य सरकार से अपेक्षा जताई है कि वह शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के लिए समिति की रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।

