अब बेसिक के शिक्षक प्रशिक्षण के लिए सालभर नहीं लगाएंगे केन्द्रों के चक्कर, एकीकृत शिक्षण-प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार
लखनऊ. बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को अब पूरे साल शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए निदेशालय और अन्य केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने एकीकृत शिक्षण-प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया है। इसमें प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) के शिक्षकों को पांच दिनों में सभी संबंधित विषयों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। ताकि शिक्षक अपना पूरा समय शिक्षण कार्य में लगा सकें।
बेसिक स्कूल के शिक्षकों को निपुणता के लक्ष्य, जीवन कौशल, कला और संगीत, कक्षा और स्कूल प्रबंधन, पढ़ना और पढ़ाना आदि से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। कई बार ये प्रशिक्षण कार्यक्रम साल भर के अलग-अलग महीनों में आयोजित किए जाते हैं। इसके चलते शिक्षकों को निदेशालय व अन्य केंद्रों पर भेजना पड़ता है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसे देखते हुए एससीईआरटी ने नया ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया है। इसमें बहुमुखी विकास, नवीन शिक्षा, प्रबंधन, एनईपी और निपुण लक्ष्य आदि से संबंधित सभी विषयों और बिंदुओं को शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण को नये सत्र 2025-26 में अगस्त तक पूरा करने का भी लक्ष्य है।
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डाॅ0 पवन सचान ने कहा कि पांच दिनों में 22 सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण पूरा होने पर काफी समय की बचत होगी। शिक्षकों को पढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
नये एकीकृत मॉडल पर शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों से सुझाव लिये जा रहे हैं। फिर इसे प्रोजेक्ट एडवाइजरी बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद नए सत्र से लागू किया जाएगा। यदि अनुभव बेहतर रहा तो भविष्य में हम इसे कक्षा 6 से 8 तक में भी लागू करेंगे।


