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अंतः जनपदीय स्थानांतरण / समायोजन के तहत विद्यालय आवंटन संबंधी शासनादेश जारी

Sir Ji Ki Pathshala

अंतः जनपदीय स्थानांतरण / समायोजन के तहत  विद्यालय आवंटन संबंधी शासनादेश जारी

प्राथमिक उसके बाद उच्च प्राथमिक के शिक्षकों का समायोजन शासन के उपसचिव ने बेसिक शिक्षा निदेशक को भेजा मार्गदर्शन

प्रयागराज, परिषदीय विद्यालयों के अंतः जनपदीय स्थानांतरण/समायोजन के क्रम में प्रथम चरण में प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच तक) के शिक्षकों तथा दूसरे चरण में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ तक) के शिक्षकों का स्थानांतरण व समायोजन होगा। शासन के उपसचिव सोमनाथ ने बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल को एक अगस्त को मार्गदर्शन भेजा है। आरटीई के अनुसार आवश्यकता से अधिक चिन्हित कुल अध्यापकों की संख्या में पांच अतिरिक्त रिक्तियों को जोड़ते हुए आवश्यकता वाले विद्यालय को प्रदर्शित किया जाएगा। सर्वप्रथम शून्य शिक्षक (जहां शिक्षामित्र भी कार्यरत नहीं हैं) वाले विद्यालय में दो अध्यापकों को पदस्थापित किया जाएगा। उसके बाद शिक्षामित्र वाले विद्यालय में एक शिक्षक तथा आवश्यकतानुसार दो, तीन शिक्षक या अधिक आवश्यकता वाले विद्यालयों में एक-एक शिक्षकों को पदस्थापित किया जाएगा। 


ऐसे शिक्षक-शिक्षिका जिनका चिन्हांकन अधिक अध्यापक वाले विद्यालय में किया गया है एवं उन्होंने स्वेच्छा से स्थानान्तरण का विकल्प दिया है तो सबसे पहले दिव्यांग महिला को विद्यालय आवंटन उनके विकल्प में रिक्ति होने पर वरिष्ठता के आधार पर वरीयता प्रदान करते हुए किया जाएगा। उसके बाद दिव्यांग पुरुष, महिला शिक्षिका और अंत में पुरुष शिक्षक के विद्यालय आवंटन की कार्यवाही वरिष्ठताक्रम में की जाएगी। ऐसे शिक्षक-शिक्षिका जिनका चिन्हांकन अधिक अध्यापक वाले विद्यालय में किया गया है एवं जिन्होंने स्वेच्छा से स्थानान्तरण का विकल्प नहीं दिया है, का समायोजन जिला स्तर पर काउंसिलिंग के जरिए विकल्प प्राप्त करते हुए की जाएगी।

अन्तः जनपदीय समायोजन के अंतर्गत विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया के समस्त दिशा निर्देश

1- ऐसे शिक्षक-शिक्षिका जिनका चिन्हांकन अधिक अध्यापक वाले विद्यालय में किया गया है एवं उनके द्वारा स्वेच्छा से स्थानान्तरण का विकल्प दिया गया है, के विद्यालय आवंटन की कार्यवाही के अन्तर्गत सर्वप्रथम दिव्यांग महिला को विद्यालय आवंटन उनके द्वारा दिये गये विद्यालय के विकल्प में रिक्ति होने की दशा में वरिष्ठता के आधार पर वरीयता प्रदान करते हुए की जायेगी। तदोपरान्त दिव्यांग पुरुष को उनके द्वारा दिये गये विकल्प के विद्यालय में वरिष्ठता के आधार पर विद्यालय आवंटन किया जायेगा। दिव्यांग महिला एवं दिव्यांग पुरुष के विद्यालय आवंटन के बाद शेष महिला शिक्षिका के विद्यालय आवंटन की कार्यवाही के उपरान्त पुरुष शिक्षक के विद्यालय आवंटन की कार्यवाही उनके द्वारा दिये गये विकल्प के विद्यालय में रिक्ति के आधार पर वरिष्ठताक्रम में की जायेगी।

2- ऐसे शिक्षक-शिक्षिका जिनका चिन्हांकन अधिक अध्यापक वाले विद्यालय में किया गया है एवं उनके द्वारा स्वेच्छा से स्थानान्तरण का विकल्प नहीं दिया गया है, के समायोजन की कार्यवाही के अन्तर्गत सर्वप्रथम दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरुष, महिला एवं पुरुष के क्रमानुसार आवश्यकता वाले विद्यालय में से जनपद स्तर पर काउंसलिंग का आयोजन कर विकल्प प्राप्त करते हुए समायोजन की कार्यवाही की जायेगी। दो या दो से अधिक दिव्यांग महिला होने की दशा में वरिष्ठ दिव्यांग महिला शिक्षक को वरीयता प्रदान की जायेगी।

3- निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 में उल्लिखित प्राविधानानुसार आवश्यकता से अधिक चिन्हित कुल अध्यापकों की संख्या में 05 अतिरिक्त रिक्तियों को जोड़ते हुए आवश्यकता वाले विद्यालय को प्रदर्शित किया जायेगा।

4- सर्वप्रथम शून्य शिक्षक (जहां शिक्षामित्र भी कार्यरत नहीं है) वाले विद्यालय में दो अध्यापकों को पदस्थापित किया जायेगा। तदोपरान्त शिक्षाामित्र वाले विद्यालय में 01 शिक्षक तथा आवश्यकतानुसार 02, 03 शिक्षक या अधिक आवश्यकता वाले विद्यालयों में 1-1 शिक्षकों को पदस्थापित किया जायेगा। 

5- प्रथम चरण में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) के शिक्षकों के संबंध में तथा दूसरे चरण में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) के शिक्षकों के संबंध में अन्तः जनपदीय स्थानांतरण/समायोजन की कार्यवाही की जाएगी।

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