Type Here to Get Search Results !
UPDATES
🔴 ब्रेकिंग: UPTET 2026: कार्यरत शिक्षकों को मिलेगा विशेष अवकाश Breaking 🔴 ब्रेकिंग: UPTET 2026: एडमिट कार्ड जारी, यहाँ से करें डाउनलोड Breaking 🔴 ब्रेकिंग: UP TGT Result 2026: रिजल्ट घोषित, 9 जुलाई से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन Breaking 🔴 ब्रेकिंग: यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी, जनपदवार CutOff देखें Breaking 🔴 ब्रेकिंग: भीषण गर्मी के चलते UP के इन जिलों के स्कूलों का समय बदला, देखें नई लिस्ट Breaking 🔴 iGOT पोर्टल: सभी उपलब्ध कोर्स लिंक New 🔴 प्रेरणा पोर्टल: छात्र व अभिभावक आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया 🔴 शिक्षक कैशलेस योजना: आवेदन, स्टेटस और EKYC अपडेट New 🔴 UP कैशलेस हॉस्पिटल लिस्ट 2026: अपने जिले का अस्पताल देखें New 🔴 UP B.Ed काउंसलिंग: 1 जुलाई से शुरू, देखें पूरा शेड्यूल Hot 🔴 ✍️ SMC बैठक रजिस्टर जुलाई 2026: एजेंडा और कार्यवाही देखें New 🔴 🌳 ईको क्लब जुलाई 2026: मुख्य गतिविधियाँ एवं कार्य-योजना New
ADVERTISEMENT

सेवा विस्तार वाले राज्य पुरस्कृत शिक्षकों को नही मिलेगा सत्रांत का लाभ - Highcourt

Sir Ji Ki Pathshala

सेवा विस्तार वाले राज्य पुरस्कृत शिक्षकों को नही मिलेगा सत्रांत का लाभ - Highcourt 

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बुधवार को एक अहम फैसले में कहा कि 65 साल तक का सेवा विस्तार पाने वाले वाले राज्य पुरस्कृत शिक्षकों को प्रावधान न होने से सत्रांत का लाभ नहीं दिया जा सकता है। इस नजीर के साथ न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने लखनऊ के बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज के तदर्थ प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत रहे कृष्ण कुमार शुक्ल की याचिका खारिज कर दी।

सेवा विस्तार वाले राज्य पुरस्कृत शिक्षकों को नही मिलेगा सत्रांत का लाभ - Highcourt

बता दें याची ने विभाग से बीती 10 जनवरी को भेजी गई रिटायरमेंट नोटिस को चुनौती दी थी। इसमें उसकी सेवानिवृत्ति की तिथि 30 अप्रैल 2024 कही गई थी। याची का कहना था कि वर्ष 2020 में उसे राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला। इसके तहत 65 वर्ष तक का सेवा विस्तार भी मिला। ऐसे में उसे सत्रांत का लाभ देकर 31 मार्च 2025 तक सेवारत रखा जाना चाहिए था। लिहाजा उन्होंने अवैधानिक तरीके से 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त करने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया जाए। उधर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने 10 जनवरी के आदेश को उचित कहकर याचिका का विरोध किया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि 29 मार्च 2022 के सरकारी आदेश के तहत ऐसे राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सत्रांत का लाभ देने के लिए नहीं कहा गया है, जिन्हें 65 साल तक का सेवा विस्तार मिला हो। ऐसे में उन्हें सत्रांत का लाभ देने का प्रावधान न होने की वजह से याची को भी यह लाभ मंजूर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ याचिका को मेरिट विहीन करार देकर खारिज कर दिया।

Tags

Top Post Ad

ADVERTISEMENT

Bottom Post Ad

ADVERTISEMENT