लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले पीएम पोषण योजना के भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर रसोइयों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल की रसोई में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का जोखिम न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजन में किसी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। फूड प्वॉइजनिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए रसोई में स्वच्छता के सभी मानकों का पालन जरूरी है। उन्होंने रसोइयों से भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसने तक विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
रसोइयों को मिलेगा ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा
प्रदेश सरकार ने स्कूलों में कार्यरत रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ समझौता किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इस संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के तहत रसोइयों को ₹2 लाख का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दुर्घटना की स्थिति में रसोइयों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा और एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
11 रसोइयों को दिए गए कैशलेस चिकित्सा कार्ड
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड, चेक, परिधान किट और बढ़े हुए मानदेय का चेक प्रदान किया। सरकार का कहना है कि रसोइयों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को लेकर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अब रसोइया या उसके परिवार का कोई सदस्य बीमार होने पर सरकारी अस्पताल के साथ-साथ योजना में शामिल इम्पैनल्ड अस्पताल में भी उपचार करा सकेगा।
डेढ़ करोड़ बच्चों को मिलता है पीएम पोषण का भोजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 1.42 लाख विद्यालयों में लगभग डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों को पीएम पोषण योजना के तहत निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाले भोजन में पोषण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। छह दिन के मेन्यू में मिलेट्स, स्थानीय व्यंजन और मौसमी फलों को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों की रसोई को साफ-सुथरा रखने और बच्चों को समय पर स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
‘बच्चों का बचपन स्वस्थ बनाएं, आपके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हमारी’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रसोइयों की जिम्मेदारी केवल बच्चों का पेट भरने तक सीमित नहीं है। उनके द्वारा तैयार किया गया भोजन बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य से सीधे जुड़ा है।
उन्होंने रसोइयों से कहा कि बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी के साथ सरकार रसोइयों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
कोरोना और महाकुंभ में रसोइयों की भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान रसोइयों द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में प्रदेश लौटे एक करोड़ से अधिक लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था में रसोइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भी रसोइयों ने बड़ी जिम्मेदारी निभाई। भीड़ बढ़ने पर जौनपुर, प्रतापगढ़, भदोही, मीरजापुर और फतेहपुर समेत आसपास के जिलों में बनाए गए होल्डिंग एरिया में बेसिक शिक्षा परिषद के रसोइयों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया।
बच्चों की शिक्षा के साथ पोषण और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें पौष्टिक भोजन और सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय मॉडल को भी इस वर्ष के अंत तक लागू किए जाने की बात कही। सरकार का फोकस विद्यालयों में शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर है।
इस तरह स्कूल की रसोई में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक के निर्देश के साथ रसोइयों के लिए ₹2 लाख दुर्घटना बीमा और कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी व्यवस्थाओं को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


