लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और स्वच्छ शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शासन ने जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर नियमित नजर रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों से स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी करने और कमी मिलने पर उसे तत्काल दूर कराने को कहा है।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त रखने के निर्देश
शासन के निर्देश के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत साफ पानी, शौचालय, हाथ धोने की व्यवस्था, बिजली, ब्लैकबोर्ड और एमडीएम किचन जैसी जरूरी सुविधाएं दुरुस्त रहनी चाहिए। विद्यालयों में साफ-सफाई और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखना भी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।
वहीं माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से आवश्यक सुविधाओं के रखरखाव और विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
शिकायतों की तत्काल जांच कराने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा है कि सोशल मीडिया, मास मीडिया अथवा किसी अन्य माध्यम से विद्यालयों से संबंधित शिकायतें प्राप्त होने पर उन्हें गंभीरता से लिया जाए। शिकायत की तत्काल जांच कराकर यदि कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यालयों में सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
बारिश के मौसम में सफाई पर विशेष ध्यान
बारिश के मौसम को देखते हुए विद्यालयों में सफाई अभियान प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। विकासखंड स्तर पर टीमें गठित कर स्कूलों की व्यवस्थाओं की जांच कराने पर भी जोर दिया गया है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करने को कहा गया है।
स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी निगरानी
विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी और मंडलायुक्त अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों की व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिले। लापरवाही मिलने पर संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
PTM को प्रभावी बनाने पर जोर
शासन ने विद्यालयों में अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समितियों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया है। इसके लिए अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी PTM को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी नियमित रूप से अभिभावकों तक पहुंचाने को कहा गया है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
शासन के इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश के विद्यालयों में साफ-सुथरा, सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करना है। जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को विद्यालयों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए कमियों को दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।


