समेकित शिक्षा समीक्षा बैठक 2026: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के नामांकन, U-DISE अपडेट और स्पेशल एजुकेटर्स के मानदेय पर दिए गए अहम निर्देश
उत्तर प्रदेश के समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत 17 एवं 18 जून 2026 को जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य परियोजना निदेशक एवं अपर राज्य परियोजना निदेशक ने की। अब इस बैठक का विस्तृत कार्यवृत्त जारी कर दिया गया है, जिसमें विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) के नामांकन, स्पेशल एजुकेटर्स के मानदेय, मेडिकल असेसमेंट कैंप, U-DISE पोर्टल, PRASHAST 2.0 तथा अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में वर्ष 2025-26 के विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने रिसोर्स रूम के उपयोग, स्पिल ओवर कार्यों, स्पेशल एजुकेटर्स की उपलब्धता तथा उनके मानदेय भुगतान की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। जिन जनपदों में मई 2026 तक स्पेशल एजुकेटर्स का मानदेय लंबित पाया गया, उन्हें एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जुलाई 2026 के दौरान सभी जनपदों में मेडिकल असेसमेंट कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिला समन्वयकों को मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का मेडिकल आकलन कराने को कहा गया, ताकि उन्हें आवश्यक प्रमाणपत्र एवं सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।
DALM परियोजना के अंतर्गत दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को निःशुल्क ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध कराने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिन जिलों से अभी तक मांगपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उन्हें निर्धारित समय में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए गए।
प्रेरणा पोर्टल पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का शत-प्रतिशत डेटा अपडेट करने पर विशेष जोर दिया गया। जिन जिलों की प्रगति कम पाई गई, उन्हें 10 जुलाई 2026 तक सभी लंबित प्रविष्टियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कक्षा 5 एवं कक्षा 8 उत्तीर्ण विशेष आवश्यकता वाले सभी बच्चों का क्रमशः कक्षा 6 एवं कक्षा 9 में समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही जुलाई 2026 में चलने वाले स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में भी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराने के निर्देश दिए गए।
U-DISE पोर्टल पर CwSN विद्यार्थियों के डेटा कैप्चर फॉर्म (DCF) को समय से भरने तथा U-DISE और प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध विद्यार्थियों के विवरण में किसी प्रकार की विसंगति न रहने के निर्देश भी दिए गए। सभी जनपदों को 31 जुलाई 2026 तक डेटा अद्यतन करने के लिए कहा गया।
बैठक में शिक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित PRASHAST 2.0 एप के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निर्देश दिए गए कि सभी शिक्षक इस एप के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग करेंगे, जबकि चिन्हित बच्चों की विस्तृत स्क्रीनिंग स्पेशल एजुकेटर्स द्वारा की जाएगी।
महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) ने निर्देश दिए कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के नामांकन के साथ-साथ उनकी नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा, विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का विवरण तथा आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी प्राथमिकता से की जाए। जिन बच्चों के पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं हैं, उनका प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जारी कार्यवृत्त में सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा जिला समन्वयकों को इन निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि समेकित शिक्षा के अंतर्गत संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र बच्चों तक पहुंचाया जा सके।






