01 जुलाई वेतन वृद्धि अपडेट: मातृत्व, CCL और अन्य अवकाश पर रहने वाले शिक्षकों के लिए बड़ा स्पष्टीकरण, RTI के जवाब में सामने आई स्थिति
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को लेकर शिक्षकों और शिक्षिकाओं के बीच लंबे समय से कई तरह की शंकाएं बनी रहती हैं। सबसे अधिक सवाल उन शिक्षिकाओं की ओर से उठाए जाते हैं जो 1 जुलाई के दिन मातृत्व अवकाश (Maternity Leave), बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave-CCL), गर्भपात अवकाश या अन्य स्वीकृत अवकाश पर होती हैं। ऐसे मामलों में यह जानना जरूरी होता है कि क्या उन्हें 1 जुलाई से ही वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा या फिर अवकाश समाप्त होने के बाद।
इसी विषय पर सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), ललितपुर द्वारा जारी उत्तर ने इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है।
RTI में क्या जानकारी मांगी गई थी?
आरटीआई आवेदन के माध्यम से यह पूछा गया था कि यदि कोई शिक्षिका 1 जुलाई को मातृत्व अवकाश, बाल्य देखभाल अवकाश (CCL), गर्भपात अवकाश अथवा अन्य स्वीकृत अवकाश पर रहती है, तो क्या उसे उसी दिन से वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा या नहीं। साथ ही यह भी जानना चाहा गया कि ऐसे मामलों में विभाग किस नियम के आधार पर निर्णय लेता है।
बीएसए ललितपुर ने क्या कहा?
बीएसए ललितपुर द्वारा दिए गए लिखित उत्तर में बताया गया कि Financial Handbook Volume-II तथा उत्तर प्रदेश फंडामेंटल रूल्स (Fundamental Rules) 87 एवं 87-A के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई कर्मचारी या शिक्षिका 1 जुलाई को अवकाश पर है, तो उस तिथि से वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ देय नहीं होगा।
विभाग के अनुसार ऐसी स्थिति में वेतन वृद्धि का लाभ कर्मचारी के अवकाश समाप्त कर पुनः कार्यभार ग्रहण (Joining) करने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। यानी जब कर्मचारी पुनः ड्यूटी पर उपस्थित होगा, उसी दिन से संशोधित वेतन लागू किया जाएगा।
किन नियमों का दिया गया हवाला?
आरटीआई के उत्तर में बीएसए कार्यालय ने निम्न नियमों एवं शासनादेशों का उल्लेख किया है—
- Financial Handbook Volume-II
- Uttar Pradesh Fundamental Rules 87 एवं 87-A
- शासनादेश संख्या 2-789/XX-316-73 दिनांक 27 अप्रैल 1978
- शासनादेश संख्या 4-871/दस-1999 दिनांक 25 मार्च 2000
इन प्रावधानों के आधार पर विभाग का कहना है कि वेतन वृद्धि उसी कर्मचारी को निर्धारित तिथि पर मिलती है जो उस समय ड्यूटी पर माना जाता है। यदि कर्मचारी स्वीकृत अवकाश पर है तो वेतन वृद्धि का प्रभाव कार्यभार ग्रहण करने के बाद से लागू होगा।
किन अवकाशों पर लागू हो सकता है यह प्रावधान?
आरटीआई में विशेष रूप से निम्न प्रकार के अवकाशों का उल्लेख किया गया है—
- मातृत्व अवकाश (Maternity Leave)
- बाल्य देखभाल अवकाश (Child Care Leave-CCL)
- गर्भपात अवकाश (Miscarriage Leave)
यदि इन अवकाशों की अवधि 1 जुलाई तक जारी रहती है तो विभागीय उत्तर के अनुसार वेतन वृद्धि का लाभ अवकाश समाप्त होने के बाद मिलेगा।
शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह जानकारी?
हर वर्ष जुलाई माह में हजारों शिक्षक एवं शिक्षिकाएं वेतन वृद्धि से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए विभागीय कार्यालयों से संपर्क करते हैं। विशेषकर मातृत्व अवकाश या सीसीएल पर रहने वाली शिक्षिकाओं के मन में यह भ्रम रहता है कि उनका इन्क्रीमेंट 1 जुलाई से जोड़ा जाएगा या बाद में।
बीएसए ललितपुर द्वारा आरटीआई के तहत दिया गया उत्तर इस विषय पर विभागीय स्तर पर एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। हालांकि अलग-अलग मामलों में परिस्थितियां और लागू नियम भिन्न हो सकते हैं, इसलिए किसी भी अंतिम निर्णय के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी के आदेश ही मान्य होंगे।
क्या यह पूरे उत्तर प्रदेश पर स्वतः लागू माना जाएगा?
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह स्पष्टीकरण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर द्वारा आरटीआई के उत्तर में दिया गया है। इसे एक विभागीय व्याख्या के रूप में देखा जा सकता है। यदि भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार, बेसिक शिक्षा विभाग या सक्षम प्राधिकारी द्वारा कोई नया शासनादेश, संशोधित नियम अथवा न्यायालय का आदेश जारी किया जाता है, तो वही प्रभावी माना जाएगा।
01 जुलाई की वार्षिक वेतन वृद्धि को लेकर सामने आया यह आरटीआई उत्तर शिक्षकों और विशेष रूप से अवकाश पर रहने वाली शिक्षिकाओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। वर्तमान विभागीय स्पष्टीकरण के अनुसार यदि कर्मचारी 01 जुलाई को स्वीकृत अवकाश पर है, तो वेतन वृद्धि का लाभ अवकाश समाप्त होने के बाद कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दिया जाएगा। इसलिए संबंधित कर्मचारियों को अपने मामले में लागू नियमों एवं विभागीय आदेशों की जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए।



