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69 हजार शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में 9500 और अभ्यर्थियों को समायोजित करने का संकेत

Sir Ji Ki Pathshala

69 हजार शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट में 9500 और अभ्यर्थियों को समायोजित करने का संकेत, अगली सुनवाई मंगलवार को

उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि वह करीब 9500 अतिरिक्त अभ्यर्थियों को समायोजित करने की संभावना पर विचार कर रही है। इस संबंध में सरकार ने नई सूची तैयार कर हलफनामे के साथ न्यायालय में प्रस्तुत किया है।

69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, 9500 और अभ्यर्थियों के समायोजन पर यूपी सरकार का बड़ा बयान।

सरकार ने कोर्ट में क्या बताया?

राज्य सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि उपलब्ध रिक्तियों और पात्रता के आधार पर लगभग 9500 और अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। सरकार ने इसके लिए एक संशोधित सूची भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की।

आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने जताई आपत्ति

सुनवाई के दौरान आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से सरकार के हलफनामे पर आपत्ति दर्ज कराई गई। उनका कहना था कि 4946 ऐसे अभ्यर्थियों को भी नई सूची में शामिल किया गया है, जिन्होंने पहले दिए गए नियुक्ति प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जब इन अभ्यर्थियों ने पहले नियुक्ति स्वीकार नहीं की थी, तो उन्हें दोबारा सूची में क्यों शामिल किया गया। सरकार ने जवाब दिया कि यदि न्यायालय निर्देश देगा तो उन्हें सूची से हटाया जा सकता है, लेकिन मेरिट में ऊपर होने के कारण उनका नाम शामिल किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने कहा कि वह सभी पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार करेगी। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को लिखित दलीलें और संक्षिप्त नोट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अधिक संख्या में पक्षकार होने के बावजूद सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से पांच-पांच वरिष्ठ अधिवक्ताओं तथा हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से एक अधिवक्ता को ही सुनवाई का अवसर दिया जाएगा।

पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?

पिछली सुनवाई में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने अदालत से कहा था कि उनकी मांग किसी कार्यरत शिक्षक को हटाने की नहीं है, बल्कि उन्हें भी न्यायोचित तरीके से नियुक्ति देने की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से वे लगातार न्याय के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि क्या अतिरिक्त अभ्यर्थियों को समायोजित करने की संभावना है। इसके बाद सरकार ने इस दिशा में विचार करने की सहमति जताई थी।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले मंगलवार निर्धारित की है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में सरकार की नई सूची, 4946 अभ्यर्थियों से जुड़े विवाद और अतिरिक्त 9500 नियुक्तियों की संभावना पर महत्वपूर्ण बहस होगी। ऐसे में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में लंबे समय से इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।