लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद हरकत में आई सीबीआई की टीमों ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में एक साथ छापेमारी (रेड) की है। इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
अमेठी वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय से जुड़ा है मामला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मुख्य रूप से अमेठी जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के 'वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय' से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस कार्यालय के जरिए सरकारी धन का बड़े पैमाने पर बंदरबांट किया गया और करोड़ों रुपये का घोटाला अंजाम दिया गया। इस वित्तीय गड़बड़ी की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।
इन जिलों में एक साथ पड़ी रेड
सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने बुधवार/गुरुवार को तड़के एक साथ कई जनपदों में दबिश दी। जांच एजेंसी के निशाने पर इस घोटाले से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी और उनके करीबी लोग हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित जिलों में छापेमारी की कार्रवाई चल रही है:
- लखनऊ: राजधानी में घोटाले से जुड़े संदिग्धों के आवास और ठिकानों पर टीम मौजूद है।
- अमेठी: जहां से इस घोटाले की शुरुआत हुई, वहां के विभागीय कार्यालयों और संबंधित लोगों के घरों को खंगाला जा रहा है।
- प्रतापगढ़ और अयोध्या: इन जिलों में भी मामले से जुड़े कड़ियों को जोड़ते हुए सीबीआई ने छापेमारी की है।
- कुशीनगर: पूर्वांचल के कुशीनगर जिले में भी सीबीआई की एक टीम के पहुंचने और रिकॉर्ड्स को कब्जे में लेने की खबर है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई जांच
बेसिक शिक्षा विभाग में हुए इस भ्रष्टाचार की गंभीरता को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था। अदालत के आदेश के बाद सीबीआई ने केस दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस छापेमारी में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर के दस्तावेज, बेनामी संपत्तियों के कागज और डिजिटल सबूत हाथ लग सकते हैं।
फिलहाल, सभी ठिकानों पर सीबीआई की जांच और पूछताछ जारी है। इस मामले में विभाग के कई बड़े अधिकारियों और बाबुओं पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है और जल्द ही कुछ बड़ी गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।


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