राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान (Social Science) के पाठ्यक्रम में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के विजन को ध्यान में रखते हुए NCERT ने "अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड" (Understanding Society: India and Beyond) नाम से नई पाठ्यपुस्तक जारी की है। इस किताब का मुख्य उद्देश्य आधुनिक सामाजिक विज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, प्राचीन ज्ञान और देश के अहम ऐतिहासिक व समकालीन घटनाक्रमों का तालमेल बिठाना है।
पाठ्यक्रम में शामिल हुए चारों वेद
भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा का मुख्य हिस्सा बनाते हुए, नई किताब में छात्रों को चारों वेदों—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद—से परिचित कराया जाएगा। पाठ्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया है कि वेद केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि भारतीय सभ्यता, दर्शन, समाज, शिक्षा और संगीत के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसके जरिए विद्यार्थियों में जीवन मूल्यों और प्राचीन संस्कृति की समझ विकसित की जाएगी।
1975 का आपातकाल (Emergency) अब 9वीं में
भारतीय राजनीति का सबसे चर्चित और विवादास्पद दौर—25 जून 1975 का आपातकाल—अब कक्षा 9 के छात्रों को पढ़ाया जाएगा। पहले यह विषय मुख्य रूप से 11वीं या 12वीं कक्षा के राजनीति विज्ञान में गहराई से पढ़ाया जाता था। इसे निचले स्तर पर शामिल करने का उद्देश्य यह है कि कम उम्र से ही विद्यार्थी भारतीय लोकतंत्र के उतार-चढ़ाव और लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व को समझ सकें।
त्रि-भाषा फॉर्मूला और मातृभाषा में वर्कशीट
भाषाई कौशल को मजबूत करने के लिए नए शैक्षिक सत्र (जुलाई) से कक्षा 9 में तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, सीखने की प्रक्रिया को रटने के बजाय व्यावहारिक बनाने के लिए NCERT ने पहली बार मातृभाषा आधारित वर्कशीट की शुरुआत की है। इससे विद्यार्थी अपने स्थानीय परिवेश और निजी अनुभवों को आधार बनाकर गतिविधियों को पूरा कर सकेंगे, जिससे कक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
समकालीन आपदाएं और पर्यावरण पर केस स्टडी
किताब को सिर्फ बीते हुए कल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इसमें हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslides) और 2025 की पंजाब बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को केस स्टडी के रूप में शामिल किया गया है। इससे छात्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता आएगी।
महिला सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक भागीदारी
एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए पाठ्यक्रम में महिला सशक्तिकरण को प्रमुखता दी गई है। नए अध्यायों में:
- लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
- स्थानीय निकायों (पंचायतों आदि) में महिला आरक्षण
- महिला नेतृत्व के प्रभाव जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
नई NCERT पुस्तक के मुख्य बिंदु (एक नज़र में)
- नई किताब का नाम: Understanding Society: India and Beyond
- प्राचीन ज्ञान: कक्षा 9 में पहली बार चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद) का विस्तृत अध्ययन।
- राजनीतिक इतिहास: 1975 के आपातकाल से जुड़ी विशेष सामग्री का समावेश।
- भाषाई बदलाव: बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य।
- प्रैक्टिकल लर्निंग: विद्यार्थियों के लिए पहली बार मातृभाषा आधारित अभ्यास (Worksheet) की सुविधा।
- आपदा अध्ययन: भूस्खलन और हालिया पंजाब बाढ़ जैसी घटनाओं पर आधारित केस स्टडी।
- लैंगिक समानता: महिला आरक्षण और लोकतंत्र में उनके नेतृत्व पर विशेष फोकस।
इस नई पहल से NCERT का लक्ष्य विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हुए एक जिम्मेदार, जागरूक और आधुनिक नागरिक बनाना है।


