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शिक्षा जगत में बरेली का बढ़ा मान: एआरपी डॉ. मधुरेश दीक्षित को जयपुर राजभवन में मिला 'शिक्षक श्री सम्मान'

Sir Ji Ki Pathshala

जयपुर/बरेली। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और नवाचार के प्रति समर्पण का परिणाम बरेली के लिए गौरव का विषय बनकर सामने आया है। बरेली जनपद के भदपुरा ब्लॉक में एआरपी (विज्ञान) के रूप में कार्यरत डॉ. मधुरेश दीक्षित को राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित राजभवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में प्रतिष्ठित 'शिक्षक श्री सम्मान' से नवाजा गया है।

​महामहिम राज्यपाल के हाथों मिला सम्मान

​यह सम्मान उन्हें 24 जून 2026 को राजस्थान के महामहिम राज्यपाल हरिश्चंद्र हरिभाऊ बागड़े (Haribhau Bagde) द्वारा प्रदान किया गया। जयपुर राजभवन के लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर से उन शिक्षाविदों और शिक्षकों को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने शिक्षा के स्तर को सुधारने में अभूतपूर्व योगदान दिया है।

Dr. Madhuresh Dixit receiving Shikshak Shree Samman at Jaipur Raj Bhavan

​नवाचार और नेतृत्व का मिला फल

​डॉ. मधुरेश दीक्षित को यह सम्मान उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अभिनव प्रयोगों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के सफल क्रियान्वयन के लिए दिया गया है। भदपुरा ब्लॉक के विद्यालयों में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट सुपरविजन, शैक्षणिक मार्गदर्शन और बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के प्रयासों ने शिक्षा की गुणवत्ता में एक सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित किया है। उनके कार्यकाल के दौरान विद्यालयों में शिक्षण गतिविधियों को न केवल रोचक बनाया गया, बल्कि शिक्षकों को भी शैक्षणिक रूप से सशक्त किया गया है।

​पूरे जनपद के लिए गौरव का क्षण

​इस उपलब्धि ने न केवल डॉ. दीक्षित का मान बढ़ाया है, बल्कि बरेली जनपद और विशेषकर भदपुरा ब्लॉक के शिक्षा जगत में हर्ष की लहर दौड़ गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने डॉ. दीक्षित को बधाई देते हुए इसे पूरे जिले के लिए गौरव की बात बताया है।

​"यह क्षण मेरे लिए प्रेरणादायक"

​सम्मान प्राप्त करने के बाद भावुक और उत्साहित डॉ. मधुरेश दीक्षित ने कहा कि महामहिम राज्यपाल के हाथों यह सम्मान मिलना उनके जीवन के सबसे अविस्मरणीय पलों में से एक है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह उपलब्धि उन्हें भविष्य में भी बच्चों के सर्वांगीण विकास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और शिक्षा के प्रसार के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।

यह सम्मान न केवल डॉ. दीक्षित की व्यक्तिगत मेहनत को दर्शाता है, बल्कि यह बरेली की शैक्षिक प्रगति की एक मिसाल भी है।

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