उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात: मानदेय बढ़कर हुआ ₹18,000; 5 मई को मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के हजारों शिक्षामित्रों को एक बड़ी खुशखबरी दी है। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए शासन ने शिक्षामित्रों के मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। अब शिक्षामित्रों को हर महीने 18,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इस वृद्धि और शिक्षामित्रों के सम्मान में आगामी 5 मई, 2026 को एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
मानदेय वृद्धि के मुख्य बिंदु
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, मानदेय में की गई यह वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
- नया मानदेय: ₹18,000 प्रति माह।
- अवधि: यह मानदेय वर्ष में 11 महीने की सेवा के लिए देय होगा।
गोरखपुर में मुख्य समारोह का आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में इस ऐतिहासिक निर्णय का उत्सव 5 मई, 2026 को सुबह 11:00 बजे गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं शिक्षामित्रों को सम्मानित करेंगे और बढ़े हुए मानदेय के वितरण का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।
इस गौरवशाली क्षण का साक्षी बनाने के लिए कार्यक्रम का सजीव प्रसारण (Live Streaming) दूरदर्शन और मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी किया जाएगा।
जिला स्तर पर भी होंगे भव्य कार्यक्रम
महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मुख्य कार्यक्रम के समांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की रूपरेखा कुछ इस प्रकार होगी:
- अतिथियों की उपस्थिति: जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
- प्रतीकात्मक चेक वितरण: मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के समापन के बाद, जिलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक सौंपे जाएंगे।
- प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम: आयोजन स्थल पर बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं के स्टॉल लगाए जाएंगे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
बजट का आवंटन
सरकार ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए गंभीरता दिखाई है। प्रत्येक जिले को कार्यक्रम आयोजित करने हेतु ₹2.50 लाख की धनराशि की सीमा (Limit) राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जारी कर दी गई है।
निष्कर्ष: सरकार के इस कदम से शिक्षामित्रों के आर्थिक स्तर में सुधार की उम्मीद है। शासन ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिए हैं कि वे जिलाधिकारी के समन्वय में इन कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें और इस पहल को जन-जन तक पहुँचाएँ।



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