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उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों का महंगाई भत्ता बढ़कर हुआ 60 प्रतिशत

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों, शिक्षकों और स्थानीय निकाय के कर्मियों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) की दरों में महत्वपूर्ण वृद्धि करते हुए इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। उत्तर प्रदेश शासन के वित्त (वेतन आयोग) अनुभाग-1 द्वारा इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, महंगाई भत्ते की यह संशोधित दरें 01 जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।

UP Government DA Increase Official Shasanadesh Order 2026

​सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित व पूर्णकालिक कर्मचारियों और यू०जी०सी० वेतनमानों में कार्यरत पदधारकों को मिलेगा।

​नया वेतनमान और संशोधित दरें

​भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में की गई वृद्धि के क्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने भी राज्य के कर्मचारियों के लिए इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकृति दी है। इसके तहत सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अंतर्गत संशोधित वेतन संरचना में मूल वेतन पर देय संशोधित दर लागू कर दी गई है। 01 जनवरी, 2026 से प्रभावी मासिक महंगाई भत्ता अब मूल वेतन का कुल 60 प्रतिशत होगा।

​भुगतान की प्रक्रिया और कड़े नियम

​शासनादेश में बढ़े हुए महंगाई भत्ते और उसके एरियर (अवशेष राशि) के भुगतान को लेकर तीन स्पष्ट श्रेणियां और नियम तय किए गए हैं:

  1. नकद भुगतान (मई 2026 से): 01 जनवरी, 2026 से बढ़े हुए भत्ते का चालू भुगतान माह मई, 2026 के नियमित वेतन के साथ सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में नकद किया जाएगा। यानी जून महीने में मिलने वाली सैलरी में बढ़ा हुआ वेतन जुड़कर आएगा।
  2. सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाताधारकों के लिए व्यवस्था: 01 जनवरी, 2026 से 30 अप्रैल, 2026 तक की 4 महीनों की अवशेष (एरियर) धनराशि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के जी०पी०एफ० (GPF) खाते में जमा की जाएगी। इस राशि पर देय आयकर एवं सरचार्ज की कटौती नियमानुसार की जाएगी। सुरक्षा और आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए, यह अवशेष राशि 01 मई, 2027 तक लॉक रहेगी और इसे समय से पहले नहीं निकाला जा सकेगा। जो कर्मचारी जी०पी०एफ० के सदस्य नहीं हैं, उन्हें यह राशि पी०पी०एफ० (PPF) या राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) के रूप में दी जाएगी।
  3. राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से आच्छादित कर्मचारियों के नियम: एन०पी०एस० (NPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के 4 महीने के एरियर का 10 प्रतिशत हिस्सा उनके टियर-1 पेंशन खाते में जमा होगा, और इसके साथ ही 14 प्रतिशत अंशदान राज्य सरकार द्वारा जमा कराया जाएगा। एरियर की शेष 90 प्रतिशत धनराशि संबंधित कर्मचारी के पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड (PPF) खाते में जमा होगी या नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के रूप में दी जाएगी।

​सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए विशेष राहत

​शासनादेश में उन कर्मचारियों का विशेष ध्यान रखा गया है जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं या होने वाले हैं। ऐसे अधिकारी या कर्मचारी जो 01 जनवरी, 2026 से शासनादेश जारी होने की तिथि के बीच सेवानिवृत्त हो चुके हैं, या जिनकी सेवाएँ समाप्त हो गई हैं, अथवा जो अगले 6 महीनों के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले हैं; उनके एरियर की संपूर्ण बकाया धनराशि का भुगतान सीधे नकद (एकमुश्त) किया जाएगा।



📥 60% DA वृद्धि का शासनादेश 
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