SRG और ARP के कार्यकाल और नई नियुक्तियों पर शासन का बड़ा स्पष्टीकरण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत स्टेट रिसोर्स ग्रुप (SRG) और एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) के कार्यकाल को लेकर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। हाल ही में सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से उठी मांगों के बीच विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन पदों पर नियुक्तियां और कार्यकाल विस्तार किन नियमों के तहत किए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह स्पष्टीकरण श्री शुभम मौर्य द्वारा आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर की गई एक शिकायत के जवाब में जारी किया गया है। शिकायतकर्ता ने अनुरोध किया था कि जिन SRG और ARP का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है, उन्हें तत्काल कार्यमुक्त किया जाए और उनके स्थान पर नवीन चयन प्रक्रिया शुरू की जाए।
SRG और ARP के लिए शासन के प्रमुख निर्देश
विभागीय पत्र के अनुसार, इन पदों की वर्तमान स्थिति निम्नलिखित है:
- SRG (स्टेट रिसोर्स ग्रुप): शासन के निर्देशों के अनुसार, इन पदों का कार्यकाल मूलतः 1 वर्ष के लिए था, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जाता है। वर्तमान में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए इन कर्मियों को अग्रिम आदेशों तक कार्य करते रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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ARP (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन): * प्रत्येक विकासखंड में 6 ARP (5 चयनित और 1 डायट मेंटर) की व्यवस्था है।
- जिन ARP का कार्यकाल 31 मार्च 2025 को 3 वर्ष या उससे अधिक हो जाएगा, उनका कार्यकाल स्वतः समाप्त माना जाएगा।
- रिक्त होने वाले पदों पर नवीन चयन प्रक्रिया के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
वर्तमान स्थिति और प्रगति
शासन ने पत्र में बताया है कि प्रदेश में वर्तमान में 3,349 ARP कार्यरत हैं। शेष रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया निरंतर जारी है और विभागीय बैठकों में इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है।
निपुण भारत मिशन पर जोर
विभाग का मुख्य उद्देश्य 'निपुण भारत मिशन' के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करना है। इसके लिए SRG और ARP द्वारा अकादमिक पर्यवेक्षण, शिक्षकों को हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देना और निपुण विद्यालय आकलन जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
राज्य परियोजना निदेशक श्रीमती मोनिका रानी के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र ने यह साफ कर दिया है कि विभाग केवल उन्हीं कर्मियों को हटा रहा है जिनका कार्यकाल नियमानुसार पूर्ण हो चुका है, जबकि मिशन की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक पदों पर विस्तार भी दिया जा रहा है। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी साथ-साथ संचालित है।
मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) को प्रेषित इस पत्र के बाद अब जिलों में रिक्त पदों पर नई भर्तियों की हलचल तेज होने की उम्मीद है।



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