लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी की लहर (Heatwave) को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक विशेष पत्र, 'योगी की पाती', साझा किया है। इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने न केवल सरकार द्वारा की गई तैयारियों का विवरण दिया है, बल्कि नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह भी दी है।
बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचा
बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग में भारी उछाल आया है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि:
- प्रदेश में पीक डिमांड को देखते हुए लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी है।
- सभी थर्मल पावर प्लांट अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जा रहे हैं।
- जनता की सुविधा के लिए पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है।
आम जनमानस और श्रमिकों के लिए राहत
गर्मी के प्रकोप को कम करने के लिए प्रशासन द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- सड़कों पर पानी का छिड़काव और सार्वजनिक स्थानों पर छायादार क्षेत्रों की व्यवस्था।
- औद्योगिक और निर्माण स्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर।
- तहसीलों, थानों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर नि:शुल्क शीतल पेयजल की उपलब्धता।
- अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावितों के लिए विशेष उपचार की व्यवस्था।
पशुधन और वन्यजीवों का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने केवल मनुष्यों ही नहीं, बल्कि बेजुबान जानवरों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाई है:
- प्राणि उद्यानों और अभयारण्यों में 'हीट-वेव एक्शन प्लान' लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
- गौशालाओं में हरे चारे, चोकर और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री की विशेष अपील
पत्र के अंत में मुख्यमंत्री ने कुछ आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है:
- हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी, शिकंजी, छाछ या नारियल पानी पीते रहें।
- पहनावा: सूती या खादी के ढीले कपड़े पहनें।
- सुरक्षा: बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- परोपकार: अपने घर के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी के बर्तन जरूर रखें।
- सतर्कता: ऐसी कोई लापरवाही न करें जिससे आग लगने की आशंका हो।

