बदायूं। आगामी जनगणना 2027 को देखते हुए शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बीच, शिक्षकों के हितों की रक्षा और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश ने अपनी आवाज बुलंद की है। महासंघ के जिला संयोजक श्री दुष्यंत कुमार रघुवंशी के प्रत्यावेदन पर संज्ञान लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), बदायूं ने जिलाधिकारी को एक आधिकारिक पत्र लिखकर शिक्षकों को विशेष रियायतें देने का अनुरोध किया है।
इस पत्र के माध्यम से बेसिक शिक्षा विभाग ने चार प्रमुख बिंदुओं पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, ताकि शिक्षकों को ड्यूटी के दौरान मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रमुख मांगें और प्रस्तावित रियायतें
प्रशासन को भेजे गए प्रस्ताव में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है:
- पति-पत्नी के लिए रियायत: यदि पति और पत्नी दोनों परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत हैं, तो सुविधा के अनुसार उनमें से केवल किसी एक की ही ड्यूटी लगाई जाए। महिला शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर ड्यूटी से मुक्त रखने का सुझाव दिया गया है।
- दूरी का ध्यान: शिक्षकों की ड्यूटी उनके कार्यरत विद्यालय के नजदीकी क्षेत्रों में ही लगाई जाए। दूरस्थ क्षेत्रों में तैनाती से बचने का आग्रह किया गया है ताकि शिक्षकों का समय और ऊर्जा बच सके।
- स्वास्थ्य और गर्भावस्था: गंभीर बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों और गर्भवती शिक्षिकाओं को जनगणना जैसे कठिन कार्य से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की गई है।
- दिव्यांग शिक्षकों को छूट: शारीरिक रूप से अक्षम या दिव्यांग शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी जनगणना कार्य से अलग रखने का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन की भूमिका
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, श्री वीरेन्द्र कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में जिलाधिकारी से इन बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक और सकारात्मक विचार करने की अपील की गई है। पत्र की प्रतियां मुख्य विकास अधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को भी सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई हैं।

