प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के नियमों और ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में एक ऐतिहासिक संशोधन किया है। इस निर्णय से उन सैकड़ों शिक्षकों के लिए भविष्य की राह आसान हो गई है, जो दशकों से तकनीकी बाधाओं के कारण टीईटी परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पा रहे थे। विशेष रूप से 1990 के दशक में नियुक्त हुए मृतक आश्रित शिक्षकों के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है।
बिना स्नातक और बीएड/बीटीसी के भी भर सकेंगे फॉर्म
आयोग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती उन शिक्षकों की थी, जिनकी नियुक्ति वर्ष 1990, 1991 और 1992 में मृतक आश्रित कोटे के तहत हुई थी। उस समय के नियमानुसार, कई शिक्षक केवल इंटरमीडिएट की योग्यता पर ही सेवा में ले लिए गए थे।
चूंकि यूपी टीईटी के सामान्य आवेदन फॉर्म में स्नातक (Graduation) और बीटीसी/बीएड जैसी पेशेवर डिग्री अनिवार्य होती है, इसलिए ये शिक्षक पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज नहीं कर पा रहे थे। इस समस्या का समाधान करते हुए आयोग ने पोर्टल पर एक विशेष चेक बॉक्स की सुविधा प्रदान की है:
- सरल प्रक्रिया: अब ऐसे शिक्षक विशेष चेक बॉक्स पर क्लिक कर अपनी श्रेणी का चयन कर सकेंगे।
- दस्तावेजी छूट: उन्हें आवेदन के दौरान स्नातक या अन्य उच्च शैक्षणिक विवरण भरने की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया गया है।
- पात्रता का विस्तार: यह संशोधन उन पुराने शिक्षकों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास है जो लंबे समय से विभागीय लाभों के लिए पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे थे।
'एड अदर पेपर' विकल्प से आवेदन हुआ और भी आसान
केवल मृतक आश्रित ही नहीं, बल्कि आयोग ने उन सामान्य अभ्यर्थियों का भी ध्यान रखा है जो प्राथमिक और उच्च प्राथमिक, दोनों स्तरों की परीक्षा देना चाहते हैं। अक्सर देखा गया है कि अभ्यर्थी पहले एक श्रेणी (कक्षा 1 से 5) के लिए आवेदन कर देते हैं और बाद में दूसरी श्रेणी (कक्षा 6 से 8) के लिए भी फॉर्म भरना चाहते हैं।
अब पोर्टल में 'Add Other Paper' का नया विकल्प जोड़ दिया गया है:
- समय की बचत: अभ्यर्थियों को अब दोबारा पूरी प्रोफाइल बनाने या व्यक्तिगत विवरण भरने की जरूरत नहीं होगी।
- लॉगिन सुविधा: अभ्यर्थी अपने पुराने क्रेडेंशियल्स से लॉगिन कर 'एग्जाम ऑप्शन' में जाकर दूसरा पेपर चुन सकते हैं।
- स्वचालित डेटा: पहले से भरा गया शैक्षणिक और व्यक्तिगत विवरण अपने आप दूसरे फॉर्म में रिफ्लेक्ट हो जाएगा, जिससे त्रुटि की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।
शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया
शिक्षा सेवा चयन आयोग के इस कदम की चौतरफा सराहना हो रही है। 'सर जी की पाठशाला' जैसे शिक्षा मंचों और प्रतियोगी छात्र संगठनों का मानना है कि यह पोर्टल अपडेट न केवल तकनीकी सरलीकरण है, बल्कि उन शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता भी है जो सालों से सिस्टम की खामियों का शिकार थे।
इस संशोधन से आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक अभ्यर्थी अपना पंजीकरण सुनिश्चित कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि अभ्यर्थियों को इसके बाद भी किसी तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे आयोग की हेल्पडेस्क पर संपर्क कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण नोट: अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों को अवश्य पढ़ें ताकि अंतिम समय में किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी से बचा जा सके।

