उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में मनाया जाएगा 'जल पखवाड़ा': जल शक्ति अभियान के तहत जागरूकता की पहल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा महानिदेशालय ने राज्य के सभी शैक्षिक संस्थानों में जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्र सरकार के "जल शक्ति अभियान-कैच द रेन" कार्यक्रम के अंतर्गत, आगामी 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रदेश के समस्त विद्यालयों में 'जल पखवाड़ा' आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा श्री राजेन्द्र प्रसाद द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और समुदाय के बीच जल की महत्ता और उसके संचयन के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना है।
प्रमुख गतिविधियाँ और आयोजन
पखवाड़े के दौरान प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें प्रमुख हैं:
- स्वच्छता अभियान: विद्यालय परिसर और उसके आसपास जल स्रोतों की सफाई।
- जन-जागरूकता कार्यक्रम: जल संचयन (Water Harvesting) के महत्व पर चर्चा।
- प्रतियोगिताएँ: बच्चों के लिए पेंटिंग, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन।
- रैली: समुदाय को जागरूक करने के लिए छात्रों द्वारा जागरूकता रैलियाँ निकालना।
डिजिटल रिपोर्टिंग और निगरानी
इस अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशालय ने कड़े निर्देश दिए हैं:
- प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड: प्रत्येक जनपद को प्रतिदिन आयोजित होने वाली गतिविधियों का विवरण, प्रतिभागियों की संख्या, फोटो और वीडियो 'प्रेरणा पोर्टल' के निर्धारित टैब पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे।
- समन्वय: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देश दिया गया है कि वे अन्य सहयोगी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को सफल बनाएँ।
- अनिवार्य भागीदारी: जिला समन्वयकों (निर्माण एवं एम.आई.एस.) को यह सुनिश्चित करना होगा कि डेटा फीडिंग का काम बिना किसी चूक के प्रतिदिन किया जाए।
व्यापक जन-भागीदारी पर जोर
शासन का मानना है कि विद्यालयों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश घर-घर तक आसानी से पहुँचाया जा सकता है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस कार्यक्रम को केवल औपचारिकता न मानकर पूरी गंभीरता से लागू किया जाए, ताकि भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
"जल शक्ति अभियान-कैच द रेन" का मूल मंत्र है कि वर्षा के जल को जहाँ भी संभव हो, जैसे भी संभव हो, सहेजा जाए। उत्तर प्रदेश के लाखों छात्र इस अभियान से जुड़कर जलदूत की भूमिका निभाएंगे।

