लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रविष्टियों (ACR) को अब पूरी तरह मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरा जाएगा। यह नियम समूह 'क', 'ख', 'ग' और 'घ' के सभी कर्मचारियों पर लागू होगा।
निर्धारित समय-सीमा (Timeline)
प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए विभाग ने चरणबद्ध कार्यक्रम घोषित किया है:
- 30 अप्रैल, 2026 तक: सभी संबंधित कार्यालयों द्वारा पोर्टल पर वर्कफ्लो (Work flow) अनिवार्य रूप से जनरेट कर दिया जाएगा।
- 31 मई, 2026 तक: समूह 'क', 'ख' और 'ग' के कर्मचारियों को अपना स्व-मूल्यांकन (Self-Appraisal) पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
- 31 जुलाई से 31 दिसंबर, 2026 तक: प्रतिवेदक, समीक्षक और स्वीकर्ता अधिकारी अपनी-अपनी टिप्पणियां अंकित करेंगे।
- 31 दिसंबर, 2026 तक: वार्षिक प्रविष्टियों का प्रकटीकरण (Disclosure) कर दिया जाएगा ताकि कर्मचारी अपनी ग्रेडिंग देख सकें।
- 15 फरवरी, 2027 तक: यदि किसी कर्मचारी को अपनी प्रविष्टि पर आपत्ति है, तो वह प्रत्यावेदन दे सकता है।
- 31 मार्च, 2027 तक: प्राप्त सभी प्रत्यावेदनों का अंतिम रूप से निस्तारण किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु और नियम
- समूह 'घ' के लिए विशेष निर्देश: समूह 'घ' के कर्मियों को स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट खुद नहीं भरनी है। उनकी वार्षिक प्रविष्टि सीधे उनके नियंत्रक अधिकारी द्वारा समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अंकित की जाएगी।
- डिजिटल सुरक्षा: इस पूरी प्रक्रिया में प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए e-sign (Digital Signature) और मोबाइल OTP आधारित व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा।
- अधिकारियों की जिम्मेदारी: सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSAs) और खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रक्रिया की निगरानी करें ताकि कोई भी कर्मचारी इस डिजिटल मूल्यांकन से वंचित न रहे।






