लखनऊ | UP Police Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में 81,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की घोषणा की है। सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस भर्ती प्रक्रिया को इसी वित्तीय वर्ष (2026-27) के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।
इन पदों पर होगी सीधी भर्ती
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित भर्तियों में विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- उपनिरीक्षक (SI)
- आरक्षी नागरिक पुलिस (Constable)
- रेडियो सहायक परिचालक
- कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए
- पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय)
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सभी भर्तियाँ पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए तय समय सीमा के भीतर संपन्न की जाएं।
PRV-112 का रिस्पांस टाइम और पुलिसिंग में सुधार
मुख्यमंत्री ने आपातकालीन सेवा PRV-112 के प्रदर्शन की भी समीक्षा की। वर्तमान में इसका औसत रिस्पांस टाइम 6 मिनट है, जिसे और कम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए हॉटस्पॉट आधारित पेट्रोलिंग और पीआरवी वाहनों की रणनीतिक तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, हर 15 दिन में रूट चार्ट की समीक्षा की जाएगी।
हर तहसील में बनेगा फायर स्टेशन
अग्निशमन सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने 'एक तहसील-एक फायर टेंडर' योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया है। अब प्रत्येक जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे और प्रदेश की हर तहसील में फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। पिछले वर्ष (2025-26) में अग्निशमन विभाग ने करीब 42 हजार अग्निकांडों पर नियंत्रण पाकर लगभग 800 करोड़ रुपये की संपत्ति बचाई है।
साइबर ठगी पर कड़ा प्रहार: 425 करोड़ रुपये बचाए गए
साइबर अपराध की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 425.7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी रोकी गई। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जिससे कॉल हैंडलिंग 1709 प्रतिदिन से बढ़कर 7467 प्रतिदिन हो गई है। साइबर अपराध से निपटने के लिए अब तक 65,608 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात कर्मियों के होंगे तबादले
प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि लखनऊ में राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जाए और उनका तबादला किया जाए, ताकि व्यवस्था में संतुलन बना रहे।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस को और अधिक आधुनिक, सक्षम और ऊर्जावान बनाएगा। 'सर जी की पाठशाला' सभी अभ्यर्थियों को सलाह देती है कि वे अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दें, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया बहुत जल्द गति पकड़ने वाली है।


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