लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के रिक्त पदों को भरने के लिए बहुप्रतीक्षित लिखित परीक्षा आज (शनिवार) से शुरू हो रही है। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा को लेकर प्रदेश भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शासन और पुलिस भर्ती बोर्ड का मुख्य जोर परीक्षा को पूरी तरह 'नकल विहीन' और पारदर्शी बनाने पर है।
परीक्षा का संक्षिप्त विवरण
- कुल पद: 41,424
- कुल अभ्यर्थी: 25.32 लाख
- परीक्षा केंद्र: 1,053
- अवधि: शनिवार, रविवार और सोमवार (दो पालियों में)
सुरक्षा का अभेद्य चक्र: 'डबल लॉक' में प्रश्नपत्र
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर के अनुसार, परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
- कड़ी निगरानी: प्रश्नपत्रों को कोषागार के डबल लॉक सिस्टम में रखा गया है, जिसकी चाबियां केवल अधिकृत अधिकारियों के पास ही होंगी।
- डिजिटल वॉच: सभी परीक्षा केंद्रों और स्ट्रांग रूम की निगरानी CCTV कैमरों के जरिए लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी।
- नोडल अधिकारी: सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) या अपर पुलिस उपायुक्त को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अभ्यर्थियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश
परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे ब्लूटूथ, मोबाइल, स्मार्ट वॉच या डिजिटल गैजेट्स ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। केंद्र के मुख्य द्वार पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से सघन तलाशी ली जा रही है। महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो बंद परिसर में चेकिंग की प्रक्रिया पूरी करेंगी।
विशेष व्यवस्था: परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रत्येक 240 अभ्यर्थियों पर एक निरीक्षक व उपनिरीक्षक की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पारदर्शिता पर जोर
भर्ती बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सादे लिबास में भी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि सॉल्वर गैंग या असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके।

