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अब गांव में ही बनेगा आधार: प्रदेश की 1,000 पंचायतों में जल्द शुरू होंगी आधार सेवा केंद्र

उत्तर प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में इस वित्तीय वर्ष से आधार सेवा केंद्र शुरू होने जा रहे हैं। अब गांव में ही होगा आधार अपडेट और नामांकन। पूरी खबर

लखनऊ: ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को अब अपने आधार कार्ड में सुधार करवाने या नया आधार बनवाने के लिए शहरों की ओर नहीं भागना होगा। उत्तर प्रदेश सरकार इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश की 1,000 ग्राम पंचायतों में आधार से संबंधित सभी सेवाएं शुरू करने जा रही है। पंचायती राज विभाग इस योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ा रहा है, जिसका लक्ष्य अंततः प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों को इस सुविधा से जोड़ना है।

​UP Gram Panchayat Bhavan Aadhaar Center

पंचायत सहायकों को मिला प्रशिक्षण

​इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए गुरुवार को पंचायती राज निदेशालय में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 100 ऑपरेटरों को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण में मुख्य रूप से डेटा सुरक्षा, दस्तावेजों की बारीकी से जांच और तकनीकी सटीकता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

पंचायत सहायकों की बढ़ेगी आमदनी

​आधार सेवा केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी गांव के पंचायत सहायकों को सौंपी गई है। शासन द्वारा उनके लिए प्रोत्साहन (Incentive) की व्यवस्था भी की गई है:

  • नियमित मानदेय: पंचायत सहायकों को मिलने वाला 6,000 रुपये का मासिक मानदेय जारी रहेगा।
  • अतिरिक्त इंसेंटिव: प्रत्येक आधार सेवा (जैसे नया नामांकन या अपडेट) प्रदान करने पर उन्हें अलग से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इन जिलों में सेवा पहले से ही शुरू

​वर्तमान में प्रदेश के पांच जिलों— लखनऊ, बाराबंकी, खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 77 ग्राम पंचायतों में यह मॉडल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इसके सफल परिणामों को देखते हुए अब इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया जा रहा है।

ग्रामीणों को मिलेगी 'होम डिलीवरी' जैसी सुविधा

​पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम सचिवालयों (पंचायत भवनों) में आधार सेवाएं मिलने से ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। अब छोटे-छोटे सुधारों के लिए उन्हें जिला मुख्यालय या ब्लॉक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।