प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर ली है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने एक कड़ा निर्देश जारी करते हुए प्रदेश के सभी 29,208 स्कूलों में छात्र-छात्राओं और स्टाफ की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य कर दी है।
पहले पीरियड में ही दर्ज होगी उपस्थिति
नए निर्देशों के अनुसार, अब स्कूलों में हाजिरी लगाने के लिए पूरे दिन का इंतजार नहीं करना होगा। विद्यालय के पहले पीरियड (First Period) के दौरान ही प्रधानाचार्यों को छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
मोबाइल ऐप से प्रक्रिया हुई आसान
बोर्ड ने इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए दो मुख्य विकल्प दिए हैं:
- वेब पोर्टल: विद्यालय अपनी आधिकारिक लॉगिन आईडी का उपयोग करके माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर डेटा फीड कर सकते हैं।
- मोबाइल ऐप: तकनीक को बढ़ावा देते हुए बोर्ड ने मोबाइल ऐप की सुविधा भी दी है, ताकि प्रधानाचार्य कहीं से भी और तुरंत हाजिरी दर्ज कर सकें।
सख्त निगरानी के घेरे में 29 हजार से अधिक स्कूल
यह नियम यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी श्रेणियों के स्कूलों पर लागू होगा:
- राजकीय विद्यालय
- सहायता प्राप्त (Aided) विद्यालय
- वित्तविहीन (Self-financed) विद्यालय
DIOS को मिली शत-प्रतिशत अनुपालन की जिम्मेदारी
जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने जिले के हर एक स्कूल की निगरानी करें। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसका उद्देश्य न केवल छात्रों की नियमितता सुनिश्चित करना है, बल्कि शिक्षकों की समयबद्धता को भी पुख्ता करना है।SIR JI KI PATHSHALA के साथ शिक्षा जगत की हर अपडेट से जुड़े रहें।

