यूपी शिक्षा विभाग में बड़ी हलचल: 150 से अधिक बीईओ बनेंगे बीएसए, पदोन्नति की प्रक्रिया तेज
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे खंड शिक्षाधिकारियों (BEO) के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 150 से अधिक बीईओ को जल्द ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नति दी जाएगी। शासन के निर्देश के बाद विभाग ने इस दिशा में कार्यवाही तेज कर दी है।
187 अधिकारियों की सूची तैयार, अटकी है गोपनीय आख्या
शिक्षा निदेशालय की ओर से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक के लिए कुल 187 खंड शिक्षाधिकारियों की सूची भेजी गई है। हालांकि, इस प्रक्रिया में एक तकनीकी पेंच फंस गया है:
- लापता रिकॉर्ड: कुल 187 अधिकारियों में से 87 अधिकारियों की वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक की वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) उपलब्ध नहीं है।
- दस्तावेजों का अभाव: कई अधिकारियों के सेवा प्रमाणपत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अधूरे पाए गए हैं।
निदेशालय का सख्त रुख: 15 अप्रैल तक की समय सीमा
पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी 187 अधिकारियों की विस्तृत रिपोर्ट और लंबित गोपनीय आख्या 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही, अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामताराम पाल ने 50 जिलों के संबंधित बीईओ, बीएसए और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को निर्देशित किया है कि वे अविलंब सेवा प्रमाणपत्र और आवश्यक रिकॉर्ड मुख्यालय भेजें।
पदोन्नति से सुधरेगी प्रशासनिक व्यवस्था
विभाग में बीएसए के कई पद रिक्त होने के कारण प्रशासनिक कार्यों में बाधा आ रही थी। इन 150 से अधिक अधिकारियों की पदोन्नति से न केवल रिक्त पदों को भरा जा सकेगा, बल्कि जिलों में बेसिक शिक्षा की निगरानी और क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी।


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