प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (विज्ञापन संख्या-51) की पुनर्परीक्षा शनिवार को संपन्न हुई। कड़े सुरक्षा प्रबंधों और आधुनिक तकनीक की निगरानी के बीच हुई इस परीक्षा में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है—कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में से आधे से अधिक यानी लगभग 52.64 प्रतिशत ने परीक्षा छोड़ दी।
उपस्थिति का गणित
शनिवार को प्रदेश के छह प्रमुख जिलों—आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी के 53 केंद्रों पर 17 विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल पंजीकृत 41,629 अभ्यर्थियों में से केवल 19,718 (47.36%) ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 21,911 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। उपस्थित रहने वालों में पुरुषों का प्रतिशत 58.65 और महिलाओं का प्रतिशत 41.35 दर्ज किया गया।
17 विषयों के लिए दो पालियों में हुआ आयोजन
पुनर्परीक्षा को दो पालियों में आयोजित किया गया था। पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक चली। परीक्षा में एशियन कल्चर, म्यूजिक तबला, फिजिकल एजुकेशन, उर्दू, इंग्लिश, सोशियोलॉजी, केमिस्ट्री, एजुकेशन, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, हिंदी, लॉ, एनिमल हसबेंड्री एंड डेयरी, म्यूजिक वोकल, फिलॉसफी और एंथ्रोपोलॉजी जैसे कुल 17 विषय शामिल थे।
प्रश्नपत्र का स्तर: तथ्यों के बजाय 'समझ' पर जोर
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया के अनुसार, इस बार प्रश्नपत्र का स्वरूप पारंपरिक पैटर्न से काफी अलग और बेहतर रहा। अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि पेपर में केवल रटने वाले तथ्यों के बजाय प्रयोग, समझ और ज्ञान के सामंजस्य पर आधारित प्रश्न पूछे गए। सामान्य अध्ययन के खंड में सुमेलित करने वाले और वैचारिक प्रश्न थोड़े चुनौतीपूर्ण रहे।
परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रमुख सवाल:
- अप्रैल 2023 में कौन-सा देश नाटो (NATO) का नवीनतम सदस्य बना?
- काहिरा ISSF वर्ल्ड कप 2023 में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में किस भारतीय ने स्वर्ण पदक जीता?
- इंटरनेट पर डेटा के विश्वसनीय संचरण और त्रुटि जांच के लिए कौन-सा प्रमुख प्रोटोकॉल उपयोग होता है?
AI की निगरानी और प्रशासनिक मुस्तैदी
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चयन आयोग ने AI इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी केंद्रों की लाइव निगरानी की। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार और अन्य उच्चाधिकारियों ने एआई कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी। प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने खुद केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
लखनऊ के केंद्र पर आग की घटना
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पहली पाली शुरू होने से पहले प्रधानाचार्य कक्ष में एसी की वायरिंग में आग लग गई। हालांकि, प्रशासन ने तुरंत तत्परता दिखाई और आग पर काबू पा लिया। नोडल अधिकारी की मौजूदगी में वैकल्पिक व्यवस्था की गई और परीक्षा बिना किसी देरी के सकुशल संपन्न हुई।

