बाँदा। परिषदीय विद्यालयों की गरिमा बनाए रखने और शिक्षण कार्य में बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब कोई भी व्यक्ति खुद को पत्रकार बताकर सीधे स्कूल के क्लासरूम में घुसकर बच्चों की फोटो नहीं खींच पाएगा और न ही बिना वैध पहचान पत्र के विभागीय अभिलेखों की मांग कर सकेगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, श्री अव्यक्त राम तिवारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह खुद को मीडियाकर्मी बताकर अनाधिकृत रूप से स्कूलों में प्रवेश कर रहे हैं। ये लोग न केवल कक्षाओं में जाकर बच्चों की तस्वीरें खींचते हैं, बल्कि शिक्षकों पर दबाव बनाकर गोपनीय विभागीय दस्तावेज और सूचनाएं मांगने का प्रयास भी करते हैं। इससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है और पठन-पाठन का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
BSA द्वारा जारी नए नियम:
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति पत्रकार या मीडियाकर्मी बनकर विद्यालय आता है, तो प्रधानाध्यापकों और स्टाफ को निम्नलिखित प्रोटोकॉल का पालन करना होगा:
- पहचान पत्र की अनिवार्यता: स्कूल में आने वाले व्यक्ति से सबसे पहले जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध परिचय पत्र दिखाने को कहें।
- अभिलेखों की सुरक्षा: यदि व्यक्ति वैध आईडी दिखाता है, तो मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में विद्यालय के अभिलेखों (Documents) की फोटो नहीं खींचने दी जाएगी।
- अनाधिकृत प्रवेश पर रोक: बिना पहचान पत्र के आने वाले व्यक्तियों को शालीनता से स्कूल से बाहर जाने को कहें। उन्हें कोई भी विभागीय जानकारी या दस्तावेज न दिखाएं।
- त्वरित रिपोर्टिंग: ऐसे किसी भी मामले की सूचना तत्काल संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) को दी जाए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
BSA ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि इन निर्देशों का पालन करने में कोताही बरती गई, तो संबंधित स्कूल स्टाफ या अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। इस आदेश की प्रतिलिपि महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ, जिलाधिकारी बाँदा और शिक्षा निदेशक सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।
निष्कर्ष: इस कदम का उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखना और बच्चों की निजता (Privacy) की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि फर्जीवाड़े के नाम पर शिक्षकों और छात्रों को परेशान न किया जा सके।

