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UPESSC: परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए आयोग का बड़ा कदम, अब अभ्यर्थियों के सामने ही होगी OMR स्कैनिंग

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब परीक्षा खत्म होते ही अभ्यर्थियों के सामने ही उनकी ओएमआर (OMR) शीट को स्कैन किया जाएगा। आयोग ने इसे एक 'पायलट प्रोजेक्ट' के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे धांधली की गुंजाइश खत्म होगी और अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ेगा।

क्या है आयोग का नया प्रयोग?

​आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विज्ञापन संख्या-51 सहायक आचार्य की पुनर्परीक्षा के दौरान प्रयागराज के 5 चुनिंदा केंद्रों पर यह अभिनव प्रयोग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • तत्काल स्कैनिंग: परीक्षा की पाली समाप्त होते ही परीक्षा कक्ष में ही अभ्यर्थियों और कक्ष निरीक्षकों की उपस्थिति में OMR शीट की स्कैनिंग की जाएगी।
  • डेटा सुरक्षा: स्कैन किया गया डेटा तुरंत सुरक्षित (Secure) कर लिया जाएगा, जिसका उपयोग भविष्य में मूल OMR शीट से मिलान करने के लिए किया जा सकता है।
  • पायलट प्रोजेक्ट: वर्तमान में यह प्रयोग केवल प्रयागराज मंडल के 5 केंद्रों पर शुरू किया गया है।

इन केंद्रों पर शुरू हुई प्रक्रिया (प्रयागराज मंडल):

  1. ​मेरी वानामेकर गर्ल्स इण्टरमीडिएट कॉलेज
  2. ​सेवा समिति विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज, रामबाग
  3. ​कर्नलगंज इण्टर कॉलेज, टैगोर टाउन
  4. ​अग्रसेन इण्टर कॉलेज, लूकरगंज
  5. ​प्रयाग महिला विद्यापीठ इण्टर कॉलेज, सिविल लाइंस

भविष्य की परीक्षाओं पर प्रभाव

​आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे आगामी सभी बड़ी परीक्षाओं में अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य परीक्षा परिणामों में शुचिता, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना है।

"यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है। अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि उनकी उत्तर पुस्तिका के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होगी, कक्ष में ही स्कैनिंग का निर्णय लिया गया है।" > — उपसचिव, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग

अभ्यर्थियों के लिए क्यों है यह अच्छी खबर?

​अक्सर परीक्षाओं के बाद OMR शीट में हेरफेर की शिकायतें आती रहती हैं। इस नई प्रक्रिया से:

  • ​किसी भी प्रकार की टैम्परिंग (छेड़छाड़) की संभावना शून्य हो जाएगी।
  • ​परीक्षा प्रक्रिया में तेजी आएगी।
  • ​अभ्यर्थियों का आयोग के प्रति भरोसा और मजबूत होगा।

​यह उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

UP Education Commission OMR Scanning Notice 2026.