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'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' के तहत 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी, देखें आदेश

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पूर्ण साक्षरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी नवीन निर्देशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।

​प्रमुख लक्ष्य और समय-सीमा

​इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के 15+ आयु वर्ग के उन लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है जो पढ़ना, लिखना और बुनियादी अंकगणित नहीं जानते।

  • लक्ष्य: 10 लाख असाक्षर (75% महिलाएं और 25% पुरुष)।
  • समय-सीमा: सितंबर 2026 तक इन सभी को शत-प्रतिशत साक्षर करने का लक्ष्य है।
  • सर्वेक्षण: 'NILP SURVEY' ऐप के माध्यम से पात्र व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।

​जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए विशेष रणनीतियां

​शासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. व्यापक प्रचार-प्रसार: ग्राम पंचायत स्तर तक जागरूकता फैलाने के लिए विद्यालयों में रैली, नुक्कड़ नाटक, वॉल पेंटिंग और बैनर-पोस्टरों का सहारा लिया जाएगा।
  2. शिक्षामित्रों की भूमिका: सभी परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों (या उनकी अनुपस्थिति में सहायक अध्यापकों) को 'सर्वेयर' के रूप में नामित किया जाएगा। प्रत्येक सर्वेयर को कम से कम 4-5 असाक्षरों को साक्षर करने का दायित्व दिया गया है।
  3. स्वयंसेवकों (Volunteers) का चयन: साक्षरता अभियान में कक्षा 5 से ऊपर के छात्र, NCC, NSS के कैडेट्स, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और सेवानिवृत्त कर्मचारी स्वेच्छा से योगदान देंगे। ध्यान रहे कि इन स्वयंसेवकों को कोई मानदेय या भत्ता देय नहीं होगा।
  4. प्रशिक्षण और कक्षाएं: चिन्हित असाक्षरों के लिए 200 घंटे की कक्षाएं (प्रतिदिन लगभग 2 घंटे) संचालित की जाएंगी। इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सर्वेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

​परीक्षा और प्रमाणन

​इस कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष में दो बार (सितंबर और मार्च) साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले व्यक्तियों को शासन की ओर से साक्षरता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

​प्रशासनिक सख्ती

​अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिए हैं कि इस योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। शासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश को साक्षर बनाने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण और सर्वेक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए। 

उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (ULLAS Scheme UP)



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