लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और 'निपुण भारत मिशन' के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा हाल ही में एक आधिकारिक पत्र जारी कर "निपुण शिक्षक सारथी" कार्यक्रम के अंतर्गत नई कार्यशाला की घोषणा की गई है।
कार्यशाला की पृष्ठभूमि
पूर्व में यह कार्यशाला 27-28 मार्च, 2026 को आयोजित होनी थी। हालांकि, 27 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित होने के कारण इस कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा था। अब विभाग ने नई तिथियों के साथ इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम को पुनः निर्धारित किया है।
मुख्य विवरण और कार्यक्रम की रूपरेखा
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, कार्यशाला का विवरण निम्नलिखित है:
- संशोधित तिथियां: 15 और 16 अप्रैल, 2026
- समय: प्रातः 10:00 बजे से
- स्थान: राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), निशातगंज, लखनऊ।
- लक्षित जिले: बलरामपुर, चित्रकूट, गोरखपुर, सीतापुर एवं सोनभद्र।
'निपुण शिक्षक सारथी' का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग और शैक्षिक समर्थन प्रदान करना है। इसके माध्यम से:
- शिक्षकों को 'निपुण लक्ष्यों' की प्राप्ति के लिए तकनीकी और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
- चयनित जिलों के एस.आर.जी. (State Resource Group) सदस्य इस कार्यशाला में भाग लेंगे, जो बाद में अपने जनपदों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
विभाग की तैयारियां
शासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के यात्रा-भत्ते (TA) का भुगतान वित्तीय नियमानुसार जिला परियोजना कार्यालय द्वारा किया जाएगा। साथ ही, लखनऊ स्थित राज्य परियोजना कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी 17 प्रतिभागियों के लिए जलपान, स्टेशनरी और भोजन (लंच) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।



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