सीतापुर। शिक्षा की मुख्यधारा से कटे हुए बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ी पहल की है। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में 7 से 14 वर्ष के 'आउट ऑफ स्कूल' और 'ड्रॉप आउट' बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षकों (Special Instructors) की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सेवानिवृत्त अध्यापकों को मिलेगी प्राथमिकता
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अखिलेश प्रताप सिंह के अनुसार, विशेष प्रशिक्षक के चयन में सेवानिवृत्त शिक्षकों को पहली वरीयता दी जाएगी। यदि एक ही पद के लिए एक से अधिक पूर्व शिक्षक आवेदन करते हैं, तो कम उम्र वाले सेवानिवृत्त शिक्षक को प्राथमिकता मिलेगी। सेवानिवृत्त शिक्षक न मिलने की स्थिति में ही 'वॉलंटियर' का चयन किया जाएगा।
वॉलंटियर के लिए पात्रता और चयन प्रक्रिया
यदि किसी स्कूल में सेवानिवृत्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होते, तो विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) वॉलंटियर का चुनाव करेगी। वॉलंटियर के लिए निम्नलिखित शर्तें तय की गई हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: स्नातक (Graduation) के साथ DL.Ed/BTC/B.Ed डिग्री धारक अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी।
- मेरिट: प्राप्त आवेदनों के आधार पर SMC द्वारा मेरिट तैयार की जाएगी।
- स्थानीय निवासी: आवेदक का उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है।
मानदेय और नियुक्ति की अवधि
चयनित विशेष प्रशिक्षकों को 4,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जाएगा। यह भुगतान विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से किया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह नियुक्ति पूरी तरह अस्थाई है, जिसका कार्यकाल 31 मार्च 2027 को स्वतः समाप्त हो जाएगा।
यहाँ मिलेगी आवेदन की जानकारी
भर्ती से संबंधित सूचना और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी विद्यालय के नोटिस बोर्ड, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रधानाध्यापकों द्वारा चस्पा की जा रही है। इच्छुक अभ्यर्थी अपने नजदीकी परिषदीय विद्यालय से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।

