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शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए 'स्कूल चलो अभियान' का आगाज़, जानें मुख्य लक्ष्य और चरण

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को दोहराते हुए 'स्कूल चलो अभियान 2026' की घोषणा की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को स्कूल वापस लाना है जो विभिन्न कारणों से "आउट ऑफ स्कूल" रह गए हैं।

अभियान की समय-सीमा (दो चरणों में संचालन)

​प्रशासन ने इस अभियान को दो महत्वपूर्ण चरणों में विभाजित किया है:

  • प्रथम चरण: 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक।
  • द्वितीय चरण: 01 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक।

अभियान के प्रमुख लक्ष्य

​शिक्षा विभाग ने इस वर्ष शत-प्रतिशत नामांकन के लिए निम्नलिखित लक्ष्य निर्धारित किए हैं:

  1. आंगनबाड़ी: 03 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना।
  2. कक्षा-1: 6 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले समस्त बच्चों का प्रवेश।
  3. ड्रॉपआउट: 07 से 14 वर्ष के बीच के उन बच्चों की पहचान कर नामांकन कराना जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
  4. ट्रांजिशन: विभिन्न स्तरों पर पढ़ाई कर रहे बच्चों का अगली कक्षा में शत-प्रतिशत ट्रांजिशन सुनिश्चित करना।

प्रमुख क्रियान्वयन दिशा-निर्देश

  • डोर-टू-डोर सर्वे: शिक्षक अपने सेवा क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) में परिवार सर्वेक्षण करेंगे और बच्चों को चिह्नित कर उनका नामांकन कराएंगे।
  • विशेष समूहों पर ध्यान: बालिकाओं की शिक्षा, दिव्यांग बच्चों, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले परिवारों के बच्चों और 'आउट ऑफ स्कूल' बच्चों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
  • प्रवेश में लचीलापन: किसी भी बच्चे को जन्म प्रमाण पत्र या आधार कार्ड की कमी के कारण प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा। अभिभावक द्वारा दी गई सूचना के आधार पर भी प्रवेश मान्य होगा।
  • जन-भागीदारी: अभियान में सांसद, विधायक, ग्राम प्रधान और स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) को जोड़ा जाएगा ताकि जागरूकता व्यापक स्तर पर फैले।
  • प्रचार-प्रसार: रैलियों, प्रभात फेरियों, सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और होर्डिंग्स के माध्यम से शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा की जाएगी।

स्कूलों का होगा भव्य स्वागत

​निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि विद्यालय परिसर को स्वच्छ और आकर्षक बनाया जाए। शैक्षिक सत्र के पहले दिन बच्चों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया जाएगा ताकि स्कूल के प्रति उनकी रुचि बढ़े।

निष्कर्ष

​'स्कूल चलो अभियान 2026-27' केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समितियाँ और शिक्षा विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के उजाले से वंचित न रहे।

UP-School-Chalo-Abhiyan-2026-Official-Notice-PDF


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