नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक कथित सरकारी आदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की गई है। हालांकि, भारत सरकार के आधिकारिक फैक्ट चेक विंग (PIB Fact Check) ने इस खबर का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह भ्रामक और फर्जी करार दिया है।
क्या है वायरल दावा?
इंटरनेट और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे एक फर्जी पत्र में यह दावा किया गया था कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईंधन की कीमतों में संशोधन किया है। वायरल पोस्ट के अनुसार:
- पेट्रोल: ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
- डीजल: ₹12.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
सरकार ने किया भ्रामक खबरों का खंडन
प्रेस सूचना कार्यालय (PIB) ने इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर घूम रहा पत्र जाली है और जनता को ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
सरकार के मुख्य बिंदु:
- कोई आदेश नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय ने कीमतों में वृद्धि का कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
- कोई प्रस्ताव नहीं: वर्तमान में सरकार के पास ईंधन की कीमतें इस तरह बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
- सत्यापन की सलाह: नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी ऐसी खबर को साझा करने से पहले आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों या माध्यमों से उसकी पुष्टि जरूर करें।
लंबे समय से स्थिर हैं कीमतें
गौरतलब है कि साल 2022 के बाद से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी या अचानक बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। सरकार और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों के आधार पर कीमतें तय करती हैं, लेकिन वायरल हो रहा ₹10-₹12 की वृद्धि का दावा पूरी तरह निराधार है।
सावधान रहें: किसी भी सरकारी योजना या मूल्य वृद्धि से संबंधित जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों (जैसे @PIBFactCheck) पर ही भरोसा करें। डिजिटल युग में अफवाहें तेजी से फैलती हैं, इसलिए 'फॉरवर्ड' करने से पहले 'चेक' जरूर करें।

