नारी शक्ति वंदन उत्सव 2026: यूपी के स्कूलों में 16 से 20 अप्रैल तक होंगे विशेष आयोजन, देखें कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की सूची
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के प्रचार-प्रसार हेतु विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 16 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करना और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। सरकार चाहती है कि नई पीढ़ी 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम के महत्व को समझे और उससे प्रेरित हो।
Nari Shakti Vandan Program 2026: मुख्य विवरण
शासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, गतिविधियों को तीन मुख्य तिथियों में विभाजित किया गया है जो इस प्रकार से है:
प्रथम दिवस: 16 अप्रैल, 2026 – "नारी शक्ति सम्मान"
इस दिन का मुख्य केंद्र छात्राओं की शैक्षिक प्रगति और उनके अभिभावकों के योगदान को सराहने पर होगा।
- अभिभावक गौरव सम्मान: जिन बालिकाओं की विद्यालय में उपस्थिति 70% से अधिक रही है, उनके माता-पिता (माता/पिता दोनों) को विद्यालय स्तर पर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह कदम अन्य अभिभावकों को भी अपनी बेटियों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेगा।
- नारी शक्ति मानव श्रृंखला: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं और महिला शिक्षकों द्वारा एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई जाएगी, जो एकता और महिला शक्ति का प्रतीक होगी।
- विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम: ब्लॉक स्तर पर महिला सशक्तिकरण को समर्पित विशेष सभाएं और गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
द्वितीय दिवस: 17 अप्रैल, 2026 – "कौशल, शौर्य एवं सांस्कृतिक प्रदर्शन"
यह दिन छात्राओं के शारीरिक कौशल और उनकी सांस्कृतिक प्रतिभा को समर्पित रहेगा।
- शौर्य प्रदर्शन: कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में NCC और स्काउट-गाइड की छात्राएं अपने अनुशासन और वीरता का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न ड्रिल तकनीकें दिखाएंगी।
- रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण: 'सेल्फ डिफेंस' (आत्मरक्षा) के अंतर्गत छात्राओं को संकट की स्थिति से निपटने के लिए शारीरिक पैंतरे सिखाए जाएंगे।
- सांस्कृतिक गतिविधियां: * इतिहास की महान महिला विभूतियों (जैसे सावित्रीबाई फुले, रानी लक्ष्मीबाई आदि) के जीवन पर आधारित लघु नाटिकाएं।
- क्षेत्रीय लोकगीत और लोकनृत्य का मंचन।
- खेलकूद प्रतियोगिता: बालिकाओं के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा ताकि उनमें टीम भावना का विकास हो।
तृतीय दिवस: 20 अप्रैल, 2026 – "अभिव्यक्ति एवं रचनात्मकता"
कार्यक्रम के अंतिम दिन छात्राओं की वैचारिक क्षमता और रचनात्मक कौशल को परखा जाएगा।
- वाद-विवाद (Debate): 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का भावी पीढ़ी पर प्रभाव' और 'विकसित भारत में नारी की भूमिका' जैसे विषयों पर छात्राएं अपने विचार प्रस्तुत करेंगी।
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लेखन एवं कला प्रतियोगिता:
- निबंध लेखन: 'सशक्त नारी-समृद्ध भारत' विषय पर निबंध।
- स्वरचित कविता: छात्राएं नारी शक्ति पर अपनी स्वयं की लिखी कविताएं सुनाएंगी।
- पोस्टर मेकिंग: कला के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के संदेश को कैनवस पर उकेरा जाएगा।



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