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सुप्रीम कोर्ट में शिक्षण संस्थानों के मैनेजमेंट और UGC नियमों को चुनौती, 14 मई को हो सकती है सुनवाई

Sir Ji Ki Pathshala

मृत्युंजय तिवारी बनाम भारत संघ: सुप्रीम कोर्ट में शिक्षण संस्थानों के मैनेजमेंट और UGC नियमों को चुनौती, 14 मई को हो सकती है सुनवाई

नई दिल्ली: देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया, प्रबंधन और अनुदान नियमों की पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। 'मृत्युंजय तिवारी बनाम भारत संघ' के नाम से दर्ज इस मामले पर शीर्ष अदालत आगामी 14 मई 2026 को सुनवाई कर सकती है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह मामला मुख्य रूप से शैक्षिक संस्थानों के प्रबंधन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों से संबंधित है। याचिका में केंद्र सरकार और यूजीसी को प्रतिवादी बनाया गया है। इस याचिका के माध्यम से शिक्षण संस्थानों के निम्नलिखित पहलुओं पर सवाल उठाए गए हैं:

  • ​प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)
  • ​ट्यूशन फीस का निर्धारण
  • ​संस्थानों को मिलने वाली ग्रांट-इन-एड (Grant-in-aid)
  • ​विश्वविद्यालयों की मान्यता और यूजीसी अधिनियम के नियम

केस की वर्तमान स्थिति और विवरण

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले को डायरी नंबर 4985/2026 के तहत दर्ज किया गया है। याचिकाकर्ता मृत्युंजय तिवारी की ओर से अधिवक्ता सत्यम पांडेय पैरवी कर रहे हैं। वर्तमान में इस केस का नंबर W.P.(C) No. 000101 / 2026 है और इसका CNR नंबर SCIN010049852026 आवंटित किया गया है। सिस्टम के अनुसार, इसकी संभावित सुनवाई तिथि 14 मई 2026 निर्धारित की गई है।

​मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सुनवाई

​इस मामले को पिछली बार 29 जनवरी 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और माननीय न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। वर्तमान में यह मामला "मोशन हियरिंग" (Motion Hearing) के चरण में है और अदालत में लंबित (Pending) है।

​शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में कोर्ट का रुख देश के केंद्रीय, राज्य और डीम्ड विश्वविद्यालयों के भविष्य के संचालन को तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें मई में होने वाली अगली कार्यवाही पर टिकी हैं।

Supreme Court Case Status Diary No 4985/2026 Mritunjay Tiwari"