राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सरकार द्वारा 'माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम' का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम इस विचार पर आधारित है कि बच्चे की प्रारंभिक शिक्षा और विकास में परिवार, विशेषकर माता और समुदाय की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
इस कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य आंगनबाड़ी केंद्रों और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद स्थापित करना है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2022 के अनुसार, जब शिक्षक और अभिभावक मिलकर काम करते हैं, तो बच्चे की शैक्षिक यात्रा अधिक सुदृढ़ होती है और उसका समग्र विकास सुनिश्चित होता है।
आयोजन की रूपरेखा
दस्तावेज़ के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए कार्यक्रम का शेड्यूल निम्न प्रकार है:
- अवधि: जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक (कुल 9 महीने)।
- समय: प्रत्येक माह दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच।
- स्थान: सभी को-लोकेटेड (विद्यालय परिसर में स्थित) आंगनबाड़ी केंद्र।
- नेतृत्व: विद्यालय के प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक और आंगनबाड़ी स्टाफ।
बजट एवं वित्तीय विवरण (PFMS के माध्यम से)
बाल मेला और उन्मुखीकरण कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु S.M.C. Account में PFMS पोर्टल के माध्यम से धनराशि आवंटित की गई है।
मुख्य वित्तीय बिंदु:
- बजट कोड: Pre Primary Sports to Pre Primary Existing (Recurring: F.01.22.02)
- मासिक बजट: ₹500 प्रति माह
- कुल बजट: ₹4500 (9 महीनों के लिए)
मासिक उपभोग विवरण (उदाहरण):
कार्यक्रम के दौरान होने वाले व्यय का एक मानक विवरण नीचे दिया गया है:
उपभोग का विवरण (मासिक)
| क्रमांक | क्रय की गई वस्तु का नाम | कुल योग (₹) |
|---|---|---|
| 1. | समोसा (जलपान हेतु) | 300 |
| 2. | नमकीन (जलपान हेतु) | 150 |
| 3. | गिलास | 50 |
| योग | 500 | |
निष्कर्ष
यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की दिशा में कदम है। स्थानीय स्तर पर विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक की देखरेख में इस बजट का पारदर्शिता से उपयोग किया जाना अनिवार्य है, ताकि ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
नोट: सभी खर्चों का विवरण उचित वाउचर के साथ सुरक्षित रखा जाना चाहिए और इस पर प्रधानाध्यापक एवं SMC अध्यक्ष के हस्ताक्षर होना आवश्यक है।

