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Eco Clubs for Mission LiFE नोटीफिकेशन फार्म 30 अप्रैल तक अपलोड किये जाने के सम्बन्ध में।

Sir Ji Ki Pathshala

मिशन लाइफ (Mission LiFE): उत्तर प्रदेश के स्कूलों में इको क्लब गठन की सुस्त रफ्तार, महानिदेशक ने जारी किया अल्टीमेटम

Mission LiFE: उत्तर प्रदेश के स्कूलों में इको क्लब नोटिफिकेशन अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल

लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए "Mission LiFE" (Lifestyle for Environment) को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। हालांकि, जमीनी स्तर पर स्कूलों द्वारा इको क्लब के गठन और उनके ऑनलाइन नोटिफिकेशन में बरती जा रही लापरवाही ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को एक सख्त अनुस्मारक पत्र जारी कर 30 अप्रैल 2026 तक का अंतिम समय दिया है।

लक्ष्य से कोसों दूर हैं कई जनपद

​शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित पोर्टल पर उपलब्ध 20 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 75 जिलों में से कई जिलों की प्रगति निराशाजनक है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कई जनपदों में इको क्लब के नोटिफिकेशन अपलोड करने की दर 40% से भी कम है। विभाग ने इस स्थिति को 'अत्यन्त खेदजनक' बताया है और अधिकारियों की उदासीनता पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।

पिछड़ने वाले प्रमुख जनपद:

रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरनगर (34.11%), औरैया (36.08%), लखनऊ (37.16%), आगरा (37.37%) और कानपुर नगर (37.57%) जैसे जिले सबसे पिछड़ी श्रेणी में हैं। इसके विपरीत, सोनभद्र (75.68%) ने प्रदेश में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है।

मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश

​महानिदेशक ने आगामी 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:

  1. 30 अप्रैल की समय-सीमा: सभी विद्यालयों (बेसिक और माध्यमिक) का विवरण हर हाल में निर्धारित तिथि तक पोर्टल पर अपलोड होना चाहिए।
  2. समीक्षा बैठकें: DIOS और BSA को निर्देश दिया गया है कि वे अगले 3 दिनों के भीतर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों/प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर पोर्टल की तकनीकी बाधाओं को दूर करें।
  3. दैनिक निगरानी: खण्ड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को अपने ब्लॉक की प्रगति की रिपोर्ट रोजाना चेक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  4. ARP को मिला लक्ष्य: प्रत्येक अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) को व्यक्तिगत रूप से कम से कम 10 विद्यालयों के नोटिफिकेशन फॉर्म अपलोड कराने का लक्ष्य दिया गया है।
  5. सार्वजनिक प्रदर्शन: स्कूलों को आदेश दिया गया है कि वे अपने परिसर में उचित स्थान पर इको क्लब गठन का नोटिफिकेशन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित (Display) करें।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मिशन?

​"Mission LiFE" का उद्देश्य छात्रों के माध्यम से समाज में पर्यावरण के अनुकूल आदतों को विकसित करना है। स्कूलों में 'इको क्लब' के माध्यम से छात्र कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और ऊर्जा की बचत जैसे विषयों पर जागरूक होंगे। लेकिन पोर्टल पर डेटा अपलोड न होने से राज्य की प्रगति राष्ट्रीय स्तर पर बाधित हो रही है।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

​राज्य परियोजना कार्यालय ने चेतावनी दी है कि अगले सप्ताह इस कार्य की पुनः ऑनलाइन समीक्षा की जाएगी। जो अधिकारी या विद्यालय इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में विफल रहेंगे, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश में पर्यावरण क्रांति की नींव स्कूलों से ही रखी जानी है। अब देखना यह है कि महानिदेशक के इस कड़े रुख के बाद क्या प्रदेश के शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रशासन 30 अप्रैल की डेडलाइन तक अपनी जिम्मेदारी निभाने में सफल हो पाते हैं या नहीं।


Mission LiFE": उत्तर प्रदेश के स्कूलों में इको क्लब नोटिफिकेशन अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल

Mission LiFE": उत्तर प्रदेश के स्कूलों में इको क्लब नोटिफिकेशन अपलोड करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल

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