जनगणना 2027: शिक्षकों की ड्यूटी में विसंगति पर भड़का शिक्षक संघ, BSA उन्नाव ने DM को लिखा पत्र
उन्नाव। जनपद में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ द्वारा उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शैलेश कुमार पाण्डेय ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर ड्यूटी आदेशों में संशोधन की मांग की है।
प्रमुख मांगें और विसंगतियां
शिक्षक संघ का तर्क है कि वर्तमान ड्यूटी आवंटन में वरिष्ठता और व्यवहारिकता की अनदेखी की गई है। पत्र में मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया है:
- विद्यालय संचालन पर संकट: मांग की गई है कि प्रधान शिक्षकों और इंचार्ज शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखा जाए, ताकि स्कूलों का प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य बाधित न हो।
- दूरी की समस्या: शिक्षकों की ड्यूटी उनके कार्यरत विद्यालय के पास के मजरों (बस्तियों) में या उसी न्याय पंचायत में लगाने का सुझाव दिया गया है, ताकि आवागमन में सुविधा रहे।
- पदानुक्रम का उल्लंघन: पत्र में एक गंभीर विसंगति उजागर की गई है, जहाँ कम ग्रेड-पे (4200) वाले शिक्षकों को 'सुपरवाइजर' और अधिक ग्रेड-पे (4600-4800) वाले वरिष्ठ शिक्षकों को 'प्रगणक' बना दिया गया है। संघ ने वरिष्ठता के आधार पर इन पदों को संशोधित करने की मांग की है।
- लिखित आदेश की अनिवार्यता: ड्यूटी पर तैनात सभी शिक्षकों को स्पष्ट लिखित आदेश निर्गत करने की अपील की गई है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में उनके पास आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध रहे।
उचित कार्यवाही की उम्मीद
BSA ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि शिक्षक संघ की ये मांगें जायज हैं और सुचारू जनगणना कार्य के लिए इन विसंगतियों का दूर होना आवश्यक है। अब गेंद जिलाधिकारी के पाले में है, और शिक्षकों को उम्मीद है कि जल्द ही ड्यूटी चार्ट में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

