लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने सरकारी तंत्र की कार्यकुशलता और तकनीकी ज्ञान को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, प्रदेश में 02 से 08 अप्रैल, 2026 तक 'मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह' का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सभी श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन लर्निंग और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है।
iGOT प्लेटफॉर्म पर 4 घंटे की लर्निंग अनिवार्य
शासन के निर्देशानुसार, मिशन कर्मयोगी के तहत सभी सरकारी कार्मिकों से अपेक्षा की गई है कि वे iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर कम से कम 4 घंटे की लर्निंग पूरी करें। यह आदेश नियमित और आउटसोर्सिंग, दोनों प्रकार के कर्मचारियों पर लागू होगा।
AI में 'दक्ष' होना जरूरी: मिलेंगे विशेष बैज
डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए कर्मचारियों को तकनीक से जोड़ने के लिए विशेष लक्ष्य दिए गए हैं:
- AI दक्ष बैज: कर्मचारियों को AI से संबंधित कम से कम 03 (तीन) कोर्स पूरे करने होंगे, जिसके बाद उन्हें 'AI दक्ष' बैज दिया जाएगा।
- कर्मयोगी उत्कर्ष बैज: इसके अलावा, iGOT मार्केटप्लेस पर उपलब्ध एडवांस लेवल (Advanced-Level) का कम से कम 01 कोर्स पूरा करने पर 'कर्मयोगी उत्कर्ष' बैज प्राप्त करना होगा।
07 और 08 अप्रैल को विशेष समय निर्धारित
मुख्य सचिव ने आदेश दिया है कि इस प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा कराने के लिए 07 अप्रैल और 08 अप्रैल, 2026 को सायंकाल 04 बजे से 06 बजे तक का समय अनिवार्य रूप से नियत किया जाए। इस समयावधि के दौरान मुख्यालय या फील्ड में तैनात किसी भी कार्मिक के लिए कोई बैठक (Meeting) आयोजित नहीं की जाएगी, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपने कोर्स पूर्ण कर सकें।


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